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Raipur Homeopathy College: CM साय की अगुवाई में युवाओं को बड़ी सौग़ात, छत्तीसगढ़ को मिला पहला शासकीय होम्योपैथी कालेज

Raipur Homeopathy College: छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार एवं आयुष चिकित्सा पद्धतियों को सुदृढ़ बनाने की दिशा में राज्य को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई है। राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (National Commission for Homoeopathy), नई दिल्ली के अंतर्गत होम्योपैथी चिकित्सा आकलन और रेटिंग बोर्ड (MARBH) द्वारा नवा रायपुर स्थित यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ होम्योपैथी को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BHMS) पाठ्यक्रम की 63 सीटों पर प्रवेश हेतु सशर्त अनुमति प्रदान की गई है।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि यह राज्य में आयुष चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे विद्यार्थियों के लिए नए अवसर खुलेंगे और भविष्य में शिक्षण, प्रशिक्षण तथा चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।

महाविद्यालय की स्थापना और बीएचएमएस पाठ्यक्रम शुरू करने के प्रस्ताव का राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग ने विस्तृत परीक्षण किया। आयोग की टीम ने 21 और 22 जुलाई 2026 को कॉलेज का निरीक्षण किया था। इसके बाद 7 सितंबर को सुनवाई हुई। निरीक्षण रिपोर्ट, उपलब्ध संसाधनों और निर्धारित मानकों के आधार पर 12 अक्टूबर को सशर्त अनुमति प्रदान की गई।

नीट के जरिए होगा प्रवेश

कॉलेज में प्रवेश केवल नीट (NEET) परीक्षा में पात्र अभ्यर्थियों को मिलेगा। कुल 63 सीटों में 15 प्रतिशत सीटें अखिल भारतीय कोटे के लिए आरक्षित रहेंगी, जबकि शेष 85 प्रतिशत सीटों पर राज्य की काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा। स्वीकृत सीटों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) का आरक्षण भी शामिल रहेगा।

नए शासकीय होम्योपैथी कॉलेज की शुरुआत से प्रदेश में आयुष चिकित्सा शिक्षा का दायरा बढ़ेगा। साथ ही प्रशिक्षित होम्योपैथिक चिकित्सकों की संख्या में वृद्धि होगी और भविष्य में होम्योपैथी स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी। यह राज्य में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

 

 

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