
कोपरा में स्वास्थ्य विभाग के एनएमए दौवा राम चक्रधारी को 37 वर्षों से अधिक की सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्ति पर अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और नगरवासियों ने ससम्मान भावभीनी विदाई दी। समारोह में वक्ताओं ने विशेष रूप से कुष्ठ रोग उन्मूलन अभियान में उनके योगदान, कार्यकुशलता और सरल व्यवहार की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ एवं सुखद जीवन की कामना की।
कुष्ठ रोग उन्मूलन में निभाई अहम भूमिका
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. स्नेहलता हुमने ने कहा कि दौवा राम चक्रधारी ने पूरे सेवाकाल में जिम्मेदारी, अनुशासन और समर्पण के साथ कार्य किया। उन्होंने कुष्ठ रोगियों की पहचान, उपचार के लिए प्रेरित करने, नियमित दवा सुनिश्चित कराने और समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि उनकी कार्यशैली और व्यवहार विभाग के लिए हमेशा प्रेरणादायी रहेंगे।

लेप्रोसी डायग्नोसिस में थी विशेष पहचान
डॉ. हुमने ने बताया कि लेप्रोसी डायग्नोसिस में श्री चक्रधारी की विशेष दक्षता थी। उनके द्वारा चिन्हित मामलों की सटीकता पर विभाग को पूरा भरोसा रहता था। उन्होंने कहा कि फिंगेश्वर-राजिम क्षेत्र को कुष्ठ उन्मूलन अभियान में मिली पहचान के पीछे श्री चक्रधारी और उनकी टीम की वर्षों की मेहनत रही है। 1990 के दशक में उन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक किया और मरीजों को नियमित उपचार से जोड़ने का कार्य किया।
जन्मभूमि को ही बनाया कर्मभूमि
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी एवं पूर्व खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. हिरोंदिया ने कहा कि दौवा राम चक्रधारी ने 12 दिसंबर 1988 से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोपरा में अपनी सेवाएं शुरू कीं और 30 सितंबर 2026 को सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने कहा कि हर किसी को यह सौभाग्य नहीं मिलता कि उसकी जन्मभूमि ही कर्मभूमि बने और श्री चक्रधारी इसका श्रेष्ठ उदाहरण हैं।
सामाजिक कार्यों में भी निभाई सक्रिय भूमिका
नगर पंचायत अध्यक्ष रूप कुमार साहू ने कहा कि श्री चक्रधारी और उनका परिवार स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी हमेशा सक्रिय रहा है। वरिष्ठ पत्रकार गोरेलाल सिन्हा ने भी उनके सेवाभाव और सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
37 वर्षों के सेवाकाल को याद कर हुए भावुक
विदाई समारोह में दौवा राम चक्रधारी अपने लंबे सेवाकाल को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि कुष्ठ और पोलियो जैसी बीमारियों से प्रभावित लोगों की पीड़ा को करीब से देखा है। इसलिए उन्होंने हमेशा मरीजों को संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण से उपचार और सहयोग देने का प्रयास किया। उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों, सहकर्मियों और परिवार, विशेष रूप से पत्नी सरोज चक्रधारी के सहयोग के लिए आभार जताया।
सेवाकाल में दर्ज हुई कई उपलब्धियां
दौवा राम चक्रधारी के सेवाकाल में कुष्ठ रोग उन्मूलन अभियान, एमडीटी (मल्टी ड्रग थेरेपी) के शुरुआती प्रयोग, विद्यालय स्वास्थ्य परीक्षण और व्यापक सर्वे जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य हुए। एक विशेष सर्वे अभियान में एक ही दिन में 37 कुष्ठ रोगियों की पहचान उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों में शामिल रही। कार्यक्रम के अंत में उन्हें स्मृति-चिह्न और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।

