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बारिश में छत-दीवारों में बढ़ता लीकेज:इन 10 संकेतों को न करें इग्नोर, घर की सीलन और लीकेज ठीक करने के 6 तरीके

बारिश के मौसम में कई घरों में छत से पानी टपकने, दीवारों पर सीलन आने और पेंट उखड़ने जैसी समस्याएं होने लगती हैं। शुरुआत में यह मामूली लगती हैं। लेकिन लगातार नमी घर की दीवारों और छत को कमजोर कर सकती है। साथ ही फर्नीचर, इलेक्ट्रिक वायरिंग और घरेलू सामान को भी नुकसान पहुंचा सकती है।

समस्या यह है कि ज्यादातर लोग लीकेज पर तब ध्यान देते हैं, जब पानी घर के अंदर आने लगता है। जबकि इसके संकेत अक्सर पहले ही दिखाई देने लगते हैं। पुराने घरों, खराब वाटरप्रूफिंग और जाम ड्रेनेज वाले मकानों में इसका रिस्क ज्यादा रहता है।

ऐसे में लीकेज के शुरुआती संकेत पहचानना और समय रहते जरूरी कदम उठाना बेहद जरूरी है।

  • इसके शुरूआती संकेत क्या हैं?
  • किन जगहों पर लीकेज का ज्यादा रिस्क होता है?
  • अगर बारिश में लीकेज हो तो तुरंत क्या करें?

सवाल- मानसून में घर में लीकेज की समस्या क्यों होती है?

जवाब- मानसून में लगातार बारिश से छत, दीवारों और घर के बाहरी हिस्सों पर नमी और पानी का प्रेशर बढ़ जाता है। अगर कहीं भी पानी के घुसने का छोटा-सा रास्ता बन जाए तो वह धीरे-धीरे दीवारों, छत या फर्श के अंदर पहुंचने लगता है।

कई बार यह समस्या शुरुआत में दिखाई नहीं देती, लेकिन समय के साथ सीलन, फफूंदी, पेंट उखड़ने और पानी टपकने के रूप में सामने आने लगती है।

सवाल- घर की किन जगहों पर लीकेज का रिस्क ज्यादा होता है?

जवाब- घर के कुछ हिस्से बारिश के पानी और नमी के सीधे संपर्क में आते हैं, इसलिए वहां लीकेज का रिस्क ज्यादा रहता है। खासकर छत, पाइपलाइन कनेक्शन और बाहरी दीवारों के जॉइंट्स सबसे ज्यादा सेंसिटिव माने जाते हैं।

सवाल- क्या लीकेज शुरू होने से पहले भी कुछ संकेत दिखाई देते हैं?

जवाब- हां, दीवारों पर दाग, पेंट उखड़ना और नमी इसके शुरुआती संकेत हैं। अगर समय रहते इन संकेतों पर ध्यान दिया जाए तो बड़े नुकसान से बचा जा सकता है.

सवाल- लीकेज से दीवार पर सीलन आती है। इससे क्या नुकसान हो सकता है?

जवाब- पॉइंटर्स में देखिए-

  • लगातार नमी रहने से प्लास्टर कमजोर पड़ सकता है और पेंट उखड़ सकता है।
  • दीवारों पर फफूंदी जम सकती है, जिससे घर में सीलन की स्मेल आने लगती है।
  • नमी वुडेन फर्नीचर, अलमारी और इलेक्ट्रॉनिक सामान को नुकसान पहुंचा सकती है।
  • अगर सीलन बिजली की वायरिंग तक पहुंच जाए, तो शॉर्ट सर्किट का रिस्क बढ़ता है।

सवाल- क्या ये सेहत के लिए भी नुकसानदायक है?

जवाब- सीलन से फफूंदी बढ़ती है, जो सांस संबंधी समस्याएं पैदा कर सकती है। लगातार नमी और फंगस से कई हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। जैसेकि-

  • एलर्जी
  • अस्थमा ट्रिगर
  • सांस लेने में दिक्कत
  • स्किन एलर्जी
  • आंखों में जलन
  • सिरदर्द
  • बच्चों, बुजुर्गों को ज्यादा रिस्क

सवाल- अगर बारिश में लीकेज हो तो तुरंत क्या करना चाहिए?

जवाब- ऐसी स्थिति में सबसे पहले सुरक्षा का ध्यान रखें। इसके लिए-

  • जिस जगह से पानी आ रहा हो, वहां के बिजली के स्विच और इलेक्ट्रॉनिक सामान तुरंत हटा दें। जरूरत पड़ने पर मेन पावर भी बंद कर दें।
  • फर्श पर जमा पानी साफ करते रहें, ताकि फिसलने और शॉर्ट सर्किट का खतरा न बढ़े।
  • पानी टपकने वाली जगह के नीचे बाल्टी या कोई बड़ा बर्तन रख दें।
  • अस्थायी तौर पर प्लास्टिक शीट, वाटरप्रूफ टेप या सीलेंट से पानी का रिसाव कम करने की कोशिश करें।
  • बारिश रुकने के बाद लीकेज की वजह की जांच कराएं और स्थायी मरम्मत करवाएं।
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