
दुर्ग जिले के भिलाई, रिसाली और भिलाई-चरौदा तथा रायपुर के बिरगांव नगर निगम में दिसंबर में होने वाले चुनाव की सरगर्मियां शुरू हो गई हैं। अभी इन चारों निगमों पर कांग्रेस का कब्जा है। क्योंकि 2021 में जब चुनाव हुए थे तब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी। अब स्थिति उलट है इसलिए भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर है। दोनों ही प्रमुख दलों के नेताओं और उम्मीदवारों ने दावेदारी के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिला कलेक्टरों ने वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। जल्द ही आरक्षण के बाद पार्टी कार्यालयों में दावेदारों की भीड़ जुटनी शुरू हो जाएगी। चुनाव भी इसबार दिलचस्प होगा। चारों निगमों में अभी कांग्रेस पार्षदों की की संख्या ज्यादा है। 2021 में महापौरों का निर्वाचन अप्रत्यक्ष प्रणाली से किया गया था। तब राज्य के सभी निगमों में कांग्रेस कब्जा करने में सफल रही थी।
2023 के चुनाव में प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद महापौर का निर्वाचन फिर से अप्रत्यक्ष प्रणाली से करने का आदेश जारी किया गया। इसलिए इन चारों निगमों में अब महापौर का अलग और पार्षदों के मत अलग-अलग डाले जाएंगे। दुर्ग जिला कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू का गृह जिला है। यहां चुनाव दोनों दिग्गज नेताओं के लिए साख का भी प्रश्न है।
बिरगांव (अनारक्षित महिला)
बिरगांव में कांग्रेस के नंदलाल देवांगन अभी महापौर हैं। 40 वार्डों वाले इस निगम में कांग्रेस के 21 पार्षद हैं। इनमें 19 ने कांग्रेस के बैनर से चुनाव लड़े थे। दो निर्दलीयों को पार्टी प्रवेश कराकर कांग्रेस ने अपना महापौर लाया। पिछले चुनाव में यह सीट अनारक्षित थी। अब यह अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित है। दोनों ही दलों के के नेताओं के घरों में दावेदारों की आमदरफ्त बढ़ गई है।
रिसाली (एससी महिला)
26 दिसंबर 2019 में भिलाई नगर निगम से अलग होकर स्वतंत्र निकाय के रूप में अस्तित्व में आए रिसाली नगर निगम में कांग्रेस की शशि सिन्हा महापौर है। 40 में से 21 वार्ड में बहुमत के साथ कांग्रेस ने अपना महापौर यहां बनाया था। यह नगर निगम पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू का क्षेत्र हैं। यह निगम दुर्ग ग्रामीण में आता है और यहां से भाजपा के ललित चंद्राकर विधायक हैं।
भिलाई (अन्य पिछड़ा वर्ग)
70 वार्डों वाले इस नगर निगम में अभी कांग्रेस के नीरज पाल महापौर हैं। यहां कांग्रेस के 37 और भाजपा के 24 पार्षद हैं। काफी बड़ा निगम होने के कारण यह भिलाई नगर और वैशाली नगर दो विधानसभा सीटों में आता है। भिलाई नगर से कांग्रेस के तेज तर्रार नेता देवेंद्र यादव विधायक हैं। वहीं वैशाली नगर से भाजपा के रिकेश सेन विधायक हैं।
चरौदा (अन्य पिछड़ा वर्ग)
वार्डों वाले यह नगर निगम काफी हाईप्रोफाइल मानी जाती है। इसकी एक वजह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का निवास है। हालांकि पिछले चुनाव में पूरी ताकत झोंकने के बावजूद कांग्रेस को पूर्ण बहुमत नहीं मिल पाया था। कांग्रेस 19 वार्ड ही जीत पाई। तब कांग्रेस ने दो निर्दलीयों को पार्टी में शामिल कर बहुमत हासिल कर अपना महापौर बैठाने में कामयाबी हासिल हुई।