भूपेश बोले-BSP की रेल मिल पर अडानी की नजर, बिक्री की खबरों को अफवाह बताने पर पूछा- PR विभाग को खंडन का अधिकार किसने दिया?

छत्तीसगढ़ के भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) को बेचने की खबरों को प्रबंधन की ओर से अफवाह और भ्रामक बताए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पलटवार किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि बीएसपी के जनसंपर्क विभाग को बिक्री संबंधी खबरों का खंडन जारी करने का अधिकार किसने दिया?
क्या यह बयान भारत सरकार की अनुमति से जारी किया गया है? बिक्री का फैसला भारत सरकार करती है। बघेल ने आरोप लगाया कि, अडानी समूह की नजर बीएसपी की रेल मिल पर है और संयंत्र को खरीदने की कोशिश की जा रही है।

बोले- जनसंपर्क विभाग बताए, किसकी अनुमति से जारी किया बयान
मीडिया से चर्चा के दौरान भूपेश बघेल ने कहा कि बीएसपी का जनसंपर्क विभाग न तो स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) का प्रवक्ता है और न ही इस्पात मंत्रालय का। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से स्पष्ट करने को कहा कि बिक्री की खबरों को खारिज करने वाला बयान भारत सरकार की अनुमति से जारी किया गया था या नहीं।
बघेल ने कहा कि बीएसपी की बिक्री का फैसला भारत सरकार के स्तर पर होता है। यदि बयान बिना अनुमति जारी किया गया है, तो संबंधित अधिकारी को भिलाई की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
दूसरी ओर, बीएसपी प्रबंधन ने 18 अक्टूबर को जारी बयान में संयंत्र की बिक्री से जुड़ी खबरों को असत्य और भ्रामक बताया था। प्रबंधन के मुताबिक, इस्पात मंत्रालय और पीआईबी फैक्ट चेक ने भी इन दावों का खंडन किया है।

अडानी की रेल मिल में रुचि होने का आरोप
भूपेश बघेल ने दावा किया कि, उन्हें मिली जानकारी के अनुसार अडानी समूह की नजर भिलाई स्टील प्लांट की एकमात्र रेल मिल पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में सार्वजनिक क्षेत्र की कई संपत्तियों को निजी हाथों में दिया गया है।
उन्होंने पावर प्लांट, ऑक्सीजन प्लांट और सिंटर प्लांट का जिक्र करते हुए सवाल उठाए। बघेल ने कहा कि अडानी समूह की गतिविधियां कोयला खदानों और बिजली उत्पादन से आगे बढ़कर लौह अयस्क और इस्पात क्षेत्र तक पहुंच रही हैं। हालांकि, अडानी समूह की ओर से बीएसपी की रेल मिल खरीदने की किसी योजना की पुष्टि इस खबर में उपलब्ध नहीं है।

देवेंद्र यादव ने पूछा- 10 हजार लोगों को घर खाली करने का नोटिस क्यों?
भिलाई नगर के कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने भी बीएसपी प्रबंधन के खंडन पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यदि संयंत्र को बेचने की कोई योजना नहीं है, तो करीब 10 हजार रहवासियों को घर खाली करने के नोटिस क्यों दिए गए हैं?
यादव ने कहा कि प्रबंधन को इन नोटिसों के पीछे की वजह स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने रहवासी क्षेत्रों को खाली कराने की कार्रवाई और संयंत्र की बिक्री को लेकर उठ रही आशंकाओं पर जवाब मांगा।
भाजपा ने पोस्टर जारी कर भूपेश पर साधा निशाना
बीएसपी की बिक्री को लेकर चल रहे विवाद के बीच भाजपा ने सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी कर भूपेश बघेल पर निशाना साधा। इस पर बघेल ने कहा कि उन्होंने बीएसपी की बात की थी, लेकिन पोस्टर में ट्रेन और रेल पटरी दिखाई गई है। उन्होंने इसे बीएसपी की रेल मिल को लेकर अपने आरोपों से जोड़ते हुए कहा कि पोस्टर में दिखाई गई पटरी भी इस विवाद की ओर इशारा करती है।
भाजपा विधायक रिकेश सेन के घर के बाहर धरने की बात पर बघेल ने कहा कि वे उनका स्वागत करेंगे और चाय भी पिलाएंगे, लेकिन पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि भिलाई स्टील प्लांट नहीं बिकेगा।
14 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर उठाया था मुद्दा
भूपेश बघेल ने 14 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर अडानी के बीएसपी दौरे की संभावित जानकारी साझा करते हुए संयंत्र की बिक्री की आशंका जताई थी। इसके बाद संयंत्र के निजीकरण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई।
बीएसपी प्रबंधन ने बाद में बिक्री संबंधी खबरों को भ्रामक बताते हुए कर्मचारियों, हितधारकों और आम जनता से अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा नहीं करने की अपील की। फिलहाल विवाद का केंद्र बघेल के आरोप, प्रबंधन का खंडन और संयंत्र के भविष्य को लेकर उठाए जा रहे सवाल हैं।


