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राज्यों को नसीहत से लेकर बच्चों को नया टास्क देने तक… जानिए पीएम मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें…

देश में कोरोना से बिगड़ते हालात के बीच मंगलवार को रात 8:45 बजे पीएम मोदी ने देश को संबोधित किया. पीएम मोदी ने इस दौरान वैक्सीनेशन, राज्यों में ऑक्सीजन की बढ़ती डिमांड और मजदूरों के पलायन समेत कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी. पीएम मोदी ने कोरोना संकट के चलते बिगड़े हालात को लेकर कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है हौसले और तैयारियों से कोरोना के खिलाफ यह जंग जीती जाएगी. जानें पीएम मोदी के संबोधन की मुख्य बातें….

लॉकडाउन अंतिम विकल्प: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान राज्यों से कहा कि देश को लॉकडाउन से बचाना है. जागरूकता के जरिए देश को लॉकडाउन से बचाने में मदद मिलेगी. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि मैं राज्यों से भी अनुरोध करूंगा कि वो लॉकडाउन को अंतिम विकल्प के रूप में ही इस्तेमाल करें. लॉकडाउन से बचने की भरपूर कोशिश करनी है और माइक्रो कन्टेनमेंट जोन पर ही ध्यान केंद्रित करना है.

श्रमिकों में भरोसा जगाएं राज्य
संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि मेरा राज्य प्रशासन से आग्रह है कि वो श्रमिकों का भरोसा जगाए रखें, उनसे आग्रह करें कि वो जहां हैं, वहीं रहें. राज्यों द्वारा दिया गया ये भरोसा उनकी बहुत मदद करेगा कि वो जिस शहर में हैं वहीं पर अगले कुछ दिनों में वैक्सीन भी लगेगी और उनका काम भी बंद नहीं होगा.

बच्चों के लिए नया टास्क
देश के नाम संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने बच्चों को भी नया टास्क दिया. उन्होंने कहा कि अपने बाल मित्रों से एक बात विशेष तौर पर कहना चाहता हूं. मेरे बाल मित्र, घर में ऐसा माहौल बनाएं कि बिना काम, बिना कारण घर के लोग, घर से बाहर न निकलें. आपकी जिद बहुत बड़ा परिणाम ला सकती है.

युवाओं से की खास अपील
पीएम मोदी ने देश के युवाओं से भी खास अपील की. उन्होंने कहा कि मेरा युवा साथियों से अनुरोध है की वो अपनी सोसायटी में, मोहल्ले में, अपार्टमेंट्स में छोटी छोटी कमेटियां बनाकर कोविड अनुशासन का पालन करवाने में मदद करें. हम ऐसा करेंगे तो सरकारों को न कंटेनमेंट ज़ोन बनाने की ज़रुरत पड़ेगी, न कर्फ़्यू लगाने की, न लॉकडाउन लगाने की.

जीवन और जीविका दोनों बचाने का प्रयास
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम सभी का प्रयास, जीवन बचाने के लिए तो है ही, प्रयास ये भी है कि आर्थिक गतिविधियां और आजीविका, कम से कम प्रभावित हो. वैक्सीनेशन को 18 वर्ष की आयु के ऊपर के लोगों के लिए शुरू करने से शहरों में जो हमारी वर्कफोर्स है, उसे तेजी से वैक्सीन उपलब्ध होगी.

दुनिया में सबसे सस्ती वैक्सीन भारत में
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया की सबसे सस्ती वैक्सीन भारत में है. भारत में दो कंपनियों की वैक्सीन के साथ दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू किया गया. दुनिया में सबसे तेजी से पहले दस करोड़, फिर 11 करोड़, फिर 12 करोड़ डोज दिए गए हैं. हमें इससे हौसला मिलता है कि देश की जनसंख्या के बड़े हिस्से को वैक्सीन लग चुकी है. तैयारियों की बदौलत हमें इस जंग में जीत मिलेगी.

दूसरी लहर तूफान बनकर आई: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कोरोना के बढ़ते मामलों पर चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ देश आज फिर बहुत बड़ी लड़ाई लड़ रहा है. कुछ सप्ताह पहले तक स्थितियां संभली हुई थीं और फिर ये कोरोना की दूसरी वेव तूफान बनकर आ गई. जो पीड़ा आपने सही है, जो पीड़ा आप सह रहे हैं, उसका मुझे एहसास है.

ऑक्सीजन की सप्लाई पर काम किया जा रहा है: पीएम
पीएम मोदी ने कहा कि ऑक्सीजन प्रॉडक्शन और सप्लाई को बढ़ाने के लिए भी कई स्तरों पर उपाय किए जा रहे हैं. राज्यों में नए ऑक्सीजन प्लांट्स हों, एक लाख नए सिलेंडर पहुंचाने हों, औद्योगिक इकाइयों में इस्तेमाल हो रही ऑक्सीजन का मेडिकल इस्तेमाल हो, ऑक्सीजन रेल हो, हर प्रयास किया जा रहा है. ऑक्सीजन प्रॉडक्शन और सप्लाई को बढ़ाने के लिए भी कई स्तरों पर उपाय किए जा रहे हैं. राज्यों में नए ऑक्सीजन प्लांट्स हों, एक लाख नए सिलेंडर पहुंचाने हों, औद्योगिक इकाइयों में इस्तेमाल हो रही ऑक्सीजन का मेडिकल इस्तेमाल हो, ऑक्सीजन रेल हो, हर प्रयास किया जा रहा है.

पीड़ितों के प्रति जताई संवेदना
कोरोना से मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति पीएम मोदी ने संवेदना जताई. पीएम मोदी ने कहा कि जिन लोगों ने बीते दिनो में अपनो को खोया है, मैं सभी देशवासियों की तरफ़ से उनके प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूं. परिवार के एक सदस्य के रूप में, मैं आपके दुःख में शामिल हूं. चुनौती बड़ी है लेकिन हमें मिलकर अपने संकल्प, हौसले और तैयारी के साथ इसको पार करना है.

एक मई से होने वाले वैक्सीनेशन की भी चर्चा
पीएम मोदी ने कहा कि कल ही वैक्सीनेशन को लेकर एक और अहम फैसला लिया गया है. एक मई के बाद से, 18 वर्ष के ऊपर के किसी भी व्यक्ति को वैक्सीनेट किया जा सकेगा. अब भारत में जो वैक्सीन बनेगी, उसका आधा हिस्सा सीधे राज्यों और अस्पतालों को भी मिलेगा.