छत्तीसगढ़ स्लाइडर

बलरामपुर: कलेक्टर ने कहा- क्षेत्र दौरा के समय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजनों से बात करते हए उनका विश्वास अर्जित करें… ग्रामीणों के मूलभूत समस्याओं को प्राथमिकता से निराकरण करने के दिये निर्देश…

बलरामपुर: कलेक्टर श्री श्याम धावडे़ ने संयुक्त जिला कार्यालय भवन के सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में शासन की प्राथमिकता प्राप्त योजनाओं, कोविड-19 के बारे में अधिकारियों से चर्चा की। बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न योजनाओं की समीक्षा के लिए बनाये गये पंचायतवार नोडल अधिकारियों से उनके क्षेत्र भ्रमण के अनुभव तथा क्षेत्रीय समस्याओं के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने आरबीसी 6-4 के बारे में पुनः उल्लेख करते हुए अधिकारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता से इसका निराकरण कर हितग्राहियों को जल्दी सहयोग राशि प्रदान करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने वाड्रफनगर स्थित विशेष कोविड-19 अस्पताल में भर्ती मरीजों की स्थिति के बारे में सीएमएचओ से जानकारी ली।

कलेक्टर श्री श्याम धावड़े ने समय-सीमा की बैठक में नियुक्त नोडल अधिकारियों से उनसे संबंधित ग्राम पंचायतों का दौरा कर शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को मिल रहा है या नहीं, इस पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों से अपने क्षेत्र भ्रमण के दौरान ग्रामीणजनों से बात कर उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी एकत्र कर संबंधित विभाग को सूचित करने को कहा। संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव एवं पंचों के साथ बैठक कर ग्राम स्तरीय समस्याओं पर उनसे बात करते हुए उनका सुझाव तथा मत भी जाने।

कलेक्टर श्री धावड़े ने मूलभूत सुविधाओं जैसे पानी, बिजली, सड़क से जुड़ी समस्याओं के लिए संबंधित विभाग को सूचना प्राप्त होते ही तत्काल निराकृत करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीणों को राशन, पेंशन एवं वन अधिकार पट्टे की ऋण पुस्तिका, आवास, पेयजल जैसे जरूरी सुविधाओं के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने अधिकारियों से बच्चों के टीकाकरण, सुपोषण अभियान के अन्तर्गत वितरित किये जाने वाले अण्डा एवं पूरक पोषण आहार, शासकीय भवनों की स्थिति, पेयजल स्त्रोतों में क्लोरोनाईजेशन तथा ब्लीचिंग पाउडर, सामूहिक वृक्षारोपण, लोक सेवा गारंटी के बारे में विस्तारपूर्वक बात की।

उन्होंने कहा कि सरपंच ग्राम पंचायत का प्रमुख है, अधिकारी उनसे सतत् सम्पर्क कर उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी लेते हुए तत्काल संबंधित विभाग को सूचना दें। विशेषकर महिला सरपंचों से बात करते हुए क्षेत्रीय समस्याओं के बारे में जानकारी लें तथा उन्हें पंचायती राज में प्राप्त अधिकारों के बारें में जागरूक करें। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रशासन एवं जनता के बीच संवाद होता रहे तथा अधिकारी जब भी क्षेत्रों का दौरा करें तब जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणजनों से बात करते हुए उनका विश्वास अर्जित करें।

उन्होंने कहा कि अधिकारी सामाजिक उत्तरदायित्व का भी पालन करें तथा अपने दौरे को प्रभावशील बनाते हुए सूक्ष्म निरीक्षण करें। कलेक्टर श्री श्याम धावड़े ने अधिकारियों को स्वयं से संबंधित विभागीय योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन करने के लिए प्रयास करते हुए महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में लोगों को जागरूक करने को कहा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत हितग्राहियों को राशि समय पर प्राप्त हो यह सुनिश्चित किया जाए। जो शासकीय भवन जर्जर अवस्था में है उन भवनों को ग्राम पंचायत स्तर पर प्रस्ताव पारित कर विघटित करें।

उन्होंने कहा जिन स्थानों पर शासकीय भवनों जैसे पंचायत भवन, आंगनबाड़ी भवन, शाला भवन, उचित मूल्य के दुकान आदि की आवश्यकता है उसकी जानकारी कार्यालय कलेक्टर को भेजें। उन्होंने समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को खाद-बीज से संबंधित निजी दुकानों का निरीक्षण करने तथा अनियमितता पाये जाने पर कठोर कार्यवाही करने के निर्देश दिये।

कलेक्टर ने शासकीय भूमि या शासकीय भवनों का किसी भी रूप में अतिक्रमण न हो तथा यदि अतिक्रमित है तो उसे तत्काल खाली कराने संबंधित निर्देश सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को दिये। कलेक्टर ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों से अपने अगले क्षेत्र भ्रमण के दौरान वृक्षारोपण करने तथा लोगों को भी वृक्षारोपण के लिए जागरूक करने को कहा।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरीष एस., अपर कलेक्टर श्री विजय कुमार कुजूर, सर्व अनुविभागीय अधिकारी, सर्व डिप्टी कलेक्टर सहित कार्यालय प्रमुख उपस्थित थे।