चुनावछत्तीसगढ़

बीरगांव निगम में वार्डों का आरक्षण; 40 में से 14 वार्ड महिलाओं और 7 एससी-एसटी के लिए आरक्षित

बीरगांव नगर निगम का चुनाव नवंबर-दिसंबर में होना तय है। इसके लिए मंगलवार को कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में कलेक्टर की उपस्थिति में दोपहर 2 बजे आरक्षण की प्रक्रिया शुरू की गई। सबसे पहले एसटी-एससी आरक्षित वार्डों के नाम बताए गए।

इसके बाद ओबीसी और इसमें महिला ओबीसी के लिए आरक्षित वार्डों की लॉटरी निकाली गई। बीरगांव निगम के चुनाव में परिसीमन का नियम लागू होने की वजह से सभी वार्डों का आरक्षण नए सिरे से किया गया। इसमें कई पुराने नेताओं के वार्ड आरक्षित हो गए हैं। नए आरक्षण में चार बार के पार्षद इकराम अहमद, दो बार के पार्षद मोहम्मद रियाज का वार्ड ओबीसी के लिए आरक्षित हो गया है।

निगम के महापौर नंदलाल देवांगन का वार्ड ओबीसी हो गया है। इसलिए वे पार्षद का चुनाव लड़ सकते हैं और महापौर पद पर अपनी पत्नी के लिए भी टिकट मांग सकते हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ पार्षद सुदन सिकली का वार्ड इस बार महिला के लिए आरक्षित है। पिछली बार उनकी पत्नी कविता चुनाव जीती थी। भाजपा के होरीलाल देवांगन का वार्ड ओबीसी हो गया है।

पिछली बार त्रिकोणीय मुकाबला, इस बार भाजपा-कांग्रेस के बीच होगी सीधी टक्कर

करीब पांच साल पहले हुए बीरगांव नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के 19, भाजपा के 10, जोगी कांग्रेस के 5 और 6 वार्डों में निर्दलीय पार्षद जीतकर आए थे। जोगी कांग्रेस को उस समय पूर्व पालिका अध्यक्ष डॉ. ओमप्रकाश देवांगन का साथ मिला था। अभी वे भाजपा में हैं। इसके अलावा छह निर्दलीय पार्षदों ने भी भाजपा और कांग्रेस को समर्थन दे दिया था।

निर्दलीय पार्षदों की मदद से ही नंद कुमार देवांगन महापौर बने थे। इसलिए इस बार माना जा रहा है कि निगम चुनाव में सीधी टक्कर भाजपा और कांग्रेस के ही बीच होगी। यही वजह है कि महापौर की महिला दावेदारों में भी दोनों ही पार्टियों से कई नाम उभरकर आ रहे हैं।

पिछली बार एवज देवांगन और उनकी पत्नी डिगेश्वरी देवांगन भी जोगी कांग्रेस से चुनाव जीते थे, लेकिन इस बार वे भी भाजपा के साथ हैं। वे अपनी पत्नी के लिए महापौर का टिकट मांग सकते हैं।

 

Related Articles

Back to top button