
रायपुर में तेज बारिश के बावजूद छत्तीसगढ़ जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन की हड़ताल शुक्रवार को भी जारी रही। सरकार ने MBBS इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ाकर 25 हजार रुपए प्रति माह करने का आदेश जारी कर दिया है। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि उनकी 17 मांगों में से सिर्फ एक मांग पूरी हुई है। बाकी मांगों पर अब तक फैसला नहीं हुआ है। इसी वजह से डॉक्टरों ने हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है।
हड़ताल की वजह से अंबेडकर अस्पताल की OPD प्रभावित रही। कई विभागों में डॉक्टरों की कुर्सियां खाली नजर आईं। अस्पताल में सामान्य दिनों की तुलना में OPD में मरीजों की संख्या भी कम रही।
JDA का कहना है कि फिलहाल OPD का सांकेतिक बहिष्कार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में मांगें पूरी नहीं हुईं तो 28 सितंबर से इमरजेंसी सेवाएं भी बंद की जाएंगी।
लिखित आदेश नहीं आता, तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा
कैंसर डिपार्टमेंट के डॉ. विनय कुमार साहू ने कहा कि JDA की 17 सूत्रीय मांगें हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ एक मांग पूरी की गई है। बाकी मांगों को लेकर अभी कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। हमें आश्वासन दिया गया है कि शाम तक आदेश जारी किया जाएगा। जब तक लिखित आदेश नहीं आता, तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा।
इंटर्न ने कहा- स्वास्थ्य मंत्री का धन्यवाद, लेकिन बाकी मांगें भी जरूरी
इंटर्न डॉक्टर संस्कार ने कहा कि 17 मांगों में से एक प्रमुख मांग पूरी करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री का धन्यवाद करते हैं। लेकिन बाकी मांगें भी डॉक्टरों और जनता, दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। इन्हीं मांगों को लेकर आंदोलन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के लिए लागू बॉन्ड व्यवस्था को लेकर अभी फैसला नहीं हुआ है। बॉन्ड खत्म करने या उसकी अवधि कम करने पर निर्णय जरूरी है। इसके साथ ही प्रदेश में सुपर स्पेशियलिटी कैडर शुरू करने की मांग भी लंबे समय से की जा रही है, लेकिन इस पर भी फैसला नहीं हुआ है।
JDA का कहना है कि सुपर स्पेशियलिटी कैडर बनने से प्रदेश में एक्सपर्ट डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम होगी।
बढ़ा हुआ स्टाइपेंड जून से लागू हो
इंटर्न डॉक्टर सीमा मिश्रा ने कहा कि सरकार ने उनकी मांग सुनी, इसके लिए वे धन्यवाद देती हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में बढ़ा हुआ स्टाइपेंड 1 अप्रैल से लागू किया गया था, जबकि छत्तीसगढ़ सरकार के आदेश में इसे 1 अक्टूबर से लागू करने की बात कही गई है।
डॉक्टरों की मांग है कि बढ़ा हुआ स्टाइपेंड 10 जून से लागू किया जाए।
बारिश के बीच भी धरना जारी
JDA के डॉक्टर मेडिकल कॉलेज कैंपस में धरने पर बैठे हैं। तेज बारिश के बावजूद डॉक्टरों का प्रदर्शन जारी रहा। डॉक्टरों का कहना है कि उनका आंदोलन मरीजों के खिलाफ नहीं है, बल्कि मेडिकल सिस्टम में सुधार और डॉक्टरों की मांगों को लेकर है।
JDA पहले ही चेतावनी दे चुका है कि अगर बाकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो 28 सितंबर से इमरजेंसी समेत अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को भी बंद करने की दिशा में आंदोलन बढ़ाया जाएगा।
28 सितंबर से इमरजेंसी बंद करने की चेतावनी
JDA प्रेसिडेंट ने कहा कि फिलहाल डॉक्टरों का आंदोलन प्रदर्शन तक सीमित है। रायपुर के साथ बिलासपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर मेडिकल कॉलेजों के रेजिडेंट, इंटर्न, PG बॉन्डेड, MBBS बॉन्डेड और अन्य डॉक्टर भी आंदोलन में शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो 28 सितंबर से आंदोलन और तेज किया जाएगा और इमरजेंसी समेत सभी स्वास्थ्य सुविधाएं बंद करने की चेतावनी दी गई है।




