व्यापार

आज सोना ₹2409 और चांदी ₹3967 सस्ती:10 ग्राम सोना ₹1.52 लाख पर आया, एक किलो चांदी ₹2.35 लाख की बिक रही

सोने-चांदी के दाम में आज यानी 7 सितंबर को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 2,409 रुपए घटकर 1.52 लाख रुपए पर आ गई है।

वहीं एक किलो चांदी की कीमत आज 3,967 रुपए घटकर 2.31 लाख रुपए पर आ गई। बीते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को सोने की कीमत 1.55 और चांदी के दाम 2.35 लाख रुपए थे।

अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने की 4 वजहें

  • ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: एक शहर से दूसरे शहर सोना ले जाने में ईंधन और सुरक्षा खर्च जुड़ता है, जिससे दूरी बढ़ने पर दाम बढ़ते हैं।
  • खरीदारी की मात्रा: दक्षिण भारत में ज्यादा खपत (करीब 40%) के कारण ज्वेलर्स बड़ी खरीद करते हैं, लेकिन छूट का फायदा सीमित रहता है।
  • लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: राज्य और शहर के ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग-सप्लाई के आधार पर रेट तय करते हैं।
  • पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: ज्वेलर्स का खरीदी रेट तय करता है कि वे ग्राहकों को कितनी कीमत में बेचेंगे।

इस साल सोना ₹19 हजार महंगा हो चुका

इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 19 हजार रुपए महंगा हो चुका है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.52 लाख रुपए पर पहुंच गया है।

वहीं चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.35 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था।

ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 3 बातों का रखें ध्यान

  • सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।
  • कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।
  • मेकिंग चार्ज का खेल: मेकिंग चार्ज वह शुल्क है जो ज्वेलर्स सोने को गहना बनाने के लिए लेते हैं। यह फिक्स नहीं होता। आप इस पर मोलभाव कर सकते हैं। ज्वेलर्स अक्सर इसे कम करने के लिए तैयार हो जाते हैं, खासकर यदि आप बड़ी खरीदारी कर रहे हों। आप सीधे उनसे लेबर कॉस्ट का ब्रेकअप मांगें, जिससे आपको बेहतर डील मिल सके।
Back to top button