नेपाल बाढ़ में कैसे बचा 40 साल पुराना ‘हरा घर’:मालिक बोला- नींव मजबूत बनाई, नदी किनारे घर था इसलिए ज्यादा ध्यान दिया था

नेपाल में 26 अगस्त को त्रिशूली नदी की बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। तेज बहाव में गाड़ियां, इमारतें और लोगों के सामान बह गए, लेकिन नुवाकोट जिले में नदी किनारे बना 40 साल पुराना हरा घर लगभग सुरक्षित बच गया।
बाढ़ के बाद घर की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। लोग इसे ‘चमत्कारी घर’ कहने लगे। एक ही सवाल था कि इतनी तेज बाढ़ में यह घर कैसे बच गया।
अब घर के मालिक प्रकाश ने बताया है कि घर की मजबूत नींव इसकी बड़ी वजह हो सकती है। उन्होंने बताया कि यह घर 40 साल पुराना है। नदी के पास बनाते समय इसकी नींव पर खास ध्यान दिया गया था। घर के नीचे सड़क बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की दो-तीन परतें भी डाली गई थीं।
बाढ़ के बीच परिवार घर की छत पर पहुंचा
प्रकाश ने उस दिन की कहानी भी बताई है। उन्होंने इंडिया टुडे की सहयोगी वेबसाइट द लल्लनटॉप से बात करते हुए बताया कि पानी बढ़ने पर परिवार घर की ऊपरी मंजिलों में चला गया और करीब एक से डेढ़ घंटे तक सबसे ऊंचे हिस्से में फंसा रहा।
प्रकाश ने बताया कि बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ रहा था। तब लगा कि शायद यह उनके जीवन का आखिरी पल हो सकता है। उस समय परिवार के छह लोग थे, जिनमें पांच घर के अंदर मौजूद थे।
प्रकाश पास की अपनी दुकान पर थे, तभी उन्हें बाढ़ का पानी बढ़ने की खबर मिली। वह तुरंत घर पहुंचे और परिवार के लोगों को अंदर आने के लिए कहा। बाहर निकलते ही उन्होंने देखा कि पानी के तेज बहाव ने उनकी गाड़ी को पलट दिया है। यह देखकर वह वापस घर के अंदर भाग गए।
परिवार पहले घर की चौथी मंजिल पर पहुंचा। यह इमारत की सबसे ऊपरी मंजिल थी, लेकिन कुछ देर बाद बाढ़ का पानी वहां तक भी पहुंच गया। इसके बाद सभी लोग घर के सबसे ऊंचे हिस्से में चले गए।
पाइप और रस्सी से परिवार को बाहर निकाला
प्रकाश के मुताबिक, परिवार करीब एक से डेढ़ घंटे तक घर के सबसे ऊंचे हिस्से में फंसा रहा। पानी थोड़ा कम होने के बाद पास के टोल इलाके के लोग उनकी मदद के लिए पहुंचे।
उन्होंने दोनों इमारतों के बीच एक पाइप लगाया और रस्सी के सहारे परिवार को सुरक्षित दूसरी तरफ पहुंचाया।
घर की मालकिन बोलीं- भगवान शिव ने बचाया
घर की मालकिन लक्ष्मी पांडेय ने भी उस घटना के बारे में अपना अनुभव साझा किया। बरखा दत्त से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्हें भगवान शिव ने बचा लिया। लक्ष्मी ने कहा कि वह रोज आस्था के साथ भगवान शिव की पूजा करती हैं और उन्हें भरोसा है कि इसी वजह से भगवान ने उनकी जान बचाई।
उन्होंने बताया कि जब वह बाढ़ के बीच घर में फंसी हुई थीं और चारों तरफ पानी तेज बहाव के साथ गुजर रहा था, तब वह लगातार ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप कर रही थीं। उस घटना के दौरान बचकर सुरक्षित निकल आना दूसरे जन्म की तरह है।
2015 के भूकंप में भी नहीं गिरा था घर
एक दूसरे वीडियो में न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए लक्ष्मी पांडे ने बताया कि उन्हें सिर्फ 5 मिनट पहले बाढ़ आने की खबर का पता चला। तब वह अपने पति के साथ दुकान में थीं। वे जल्दी से अपनी सासु मां और अपनी बेटी को बचाने के लिए घर पहुंचे।
जब उन्होंने अपनी सास को घर छोड़ने को कहा तो उन्होंने इससे इनकार कर दिया। जब तक वह और कह पातीं तब तक पानी का सैलाब आ चुका था। तब तक उनके ससुर और एक पड़ोसी भी घर में पहुंच चुके थे।
लक्ष्मी पांडे ने 2015 में आए भूकंप का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, मेरे पड़ोस का घर उस झटके को झेल नहीं पाया था और गिर गया था। तब भी हमारे पड़ोसियों ने हमें बचाया और सुरक्षित बाहर निकाला था।
