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पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी 5 गुना बढ़ी, ₹2.50 हुई:डीजल पर ₹7.50 घटाया; देश में फ्यूल की कमी रोकने के लिए लिया फैसला

कच्चे तेल की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर 5 गुना टैक्स बढ़ा दिया है। वहीं, डीजल के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स को लगभग आधा कर दिया है।

वित्त मंत्रालय ने देश में फ्यूल की कमी न हो इसलिए नई दरें आज यानी 16 अक्टूबर से लागू कर दी हैं। नए टैक्स अगले दो हफ्तों तक लागू रहेंगे।

इस टैक्स का असर सिर्फ विदेश बेचे जाने वाले पेट्रोल-डीजल पर पड़ेगा। हमारे देश के पेट्रोल पंपों पर मिलने वाले पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बदलेंगे। सरकार हर 15 दिन में अंतरराष्ट्रीय कीमतों को देखकर यह टैक्स तय करती है।

मिडिल ईस्ट में जारी लड़ाई के कारण दुनिया में कच्चे तेल के दाम बढ़े हुए हैं। ऐसे में भारतीय तेल कंपनियां ज्यादा मुनाफा कमाने के लालच में सारा तेल विदेश न बेचने लगें और देश में तेल की कमी न हो जाए, इसीलिए सरकार यह टैक्स घटाती-बढ़ाती रहती है।

बाजार में रिजर्व में रखा तेल उतारने के संकेत

  • अमेरिका की ढील से थोड़ी राहत: अमेरिका तेल टैंकरों से पाबंदियां हटाने की सोच रहा है, जिससे कच्चे तेल के दामों में मामूली गिरावट आई।
  • इमरजेंसी तेल जारी करने का संकेत: इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने भी जरूरत पड़ने पर रिजर्व तेल बाजार में उतारने के संकेत दिए हैं।
  • मिडिल ईस्ट तनाव से कीमतें अब भी ऊंची: समुद्र में जहाजों पर हमले और युद्ध की वजह से तेल के भाव में बहुत बड़ी गिरावट नहीं हो सकी है।

विंडफॉल टैक्स क्या होता है?

जब दुनिया के बाजार में कच्चे तेल के दाम अचानक बहुत बढ़ जाते हैं, तो देश की तेल कंपनियों को विदेश में पेट्रोल-डीजल बेचकर बहुत मोटा और बिन मांगा मुनाफा होने लगता है।

कंपनी के इस एक्स्ट्रा मुनाफे में से कुछ हिस्सा देश के खजाने में लाने के लिए सरकार उन पर एक खास टैक्स लगाती है, जिसे विंडफॉल टैक्स कहते हैं।

 

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