लोकसभा से पास हुआ एंटी पेपर लीक बिल, लंबी चर्चा के बाद ध्वनि मत से मिली मंजूरी

लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पास हो गया है. मॉनसून सत्र में लंबी चर्चा के बाद ध्वनि मत से यह बिल पास हो गया है. हालांकि बिल पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष में जमकर नोकझोंक हुई. लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के भाषण को लेकर दोनों पक्षों में खूब तनातनी दिखी. स्पीकर ओम बिरला ने एंटी पेपर लीक बिल के पारित होने का ऐलान किया और कल तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी.
राहुल गांधी के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर दिए गए बयान पर हंगामा थमता नहीं दिखा। सत्ता पक्ष ने राहुल गांधी से उनके बयान का ऑर्डर दिखाने नहीं तो माफी की मांग उठाई। इसे लेकर लोकसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित हुई। इसके बाद 3 बजे जब सदन कार्यवाही शुरू हुई तो केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने चर्चा का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मुझे हैरत है कि नेता प्रतिपक्ष को बुनियादी संसदीय नियमों की जानकारी नहीं है।
गृह मंत्री अमित शाह पर लगाए गए राहुल गांधी के आरोपों को लेकर जितेंद्र सिंह ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को यह पता होना चाहिए कि गोली चलाने का आदेश मंत्री नहीं, मजिस्ट्रेट देता है। हालांकि प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई ही नहीं गई थी, सिर्फ आंसू गैस के गोले दागे गए थे। जितेंद्र सिंह ने कहा कि राहुल गांधी का बयान बेतुका है। उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई खुद को भी इडियट कहना चाहे, तो नहीं कह सकता।
नेता प्रतिपक्ष को सार्वजनिक जीवन और प्रशासनिक प्रणाली के बुनियादी बिंदुओं की जानकारी का भी अभाव है। जब वो यह कहते हैं कि गृह मंत्री ने गोली चलाने का आदेश दिया और ऑथेंटिकेट नहीं कर सके, तो यह आदेश मजिस्ट्रेट देता है। दूसरी बात, गोली चली ही नहीं, तो आदेश का सवाल ही नहीं पैदा होता। फिर ये कहा कि गृह मंत्री के साथ 20 गाड़ियों का काफिला है। इतनी गाड़ियां गृह मंत्री के साथ कभी नहीं चलतीं। गृह मंत्री कभी भी विदेश नहीं गए। तथ्यों के बिना गैर जिम्मेदारी से बात कह देना और फिर निकल जाना, यह किसी जिम्मेदार नेता का व्यवहार हो ही नहीं सकता।




