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1990 से 2000 के बीच पैदा हुए ज्यादा वक्त बिताते हैं स्मार्टफोन के साथ, जानिए क्यों

टेक्नालॉजी के बढ़ते प्रभाव नेे लोगों के दिलो-दिमाग में इस कदर जादू कर दिया है कि लोग रिश्तों से ज्यादा अपने स्मार्टफोन्स को महत्व देने लगे हैं। इसमें भी उन लोगों की संख्या ज्यादा है, जो 1990 से 2000 के बीच पैदा हुए हैं। तकरीबन 35 पर्सेंट लोगों ने माना कि वे स्मार्टफोन पर काफी समय व्यतीत करते हैं। इनमें से तकरीबन 44 पर्सेंट लोग ऐसे हैं जिनका जन्म 1990 से 2000 के बीच हुआ है। भारतीयों का मानना है कि यह उनके लिए बहुत बेहतर रहेगा कि उनका वक्त स्मार्टफोन के साथ कम से कम बीते।
ये हम नहीं कर रहे हैं, ये कह रहा है मीडिया में आई रिपोर्ट। दरअसल, मोटोरोला ने हाल ही एक स्टडी की जिसमें यह खुलासा हुआ है। यह स्टडी कंपनी ने हॉवर्ड यूनिवर्सिटी के एक्सपर्ट के साथ मिलकर की। इसमें 50 पर्सेंट से भी ज्यादा लोगों ने अपने स्मार्टफोन्स को अपना बेस्ट फ्रेंड बताया है। रिपोर्ट के मुताबिक तकरीबन 33 पर्सेंट लोग, जिसमें युवाओं की आबादी सर्वाधिक है, डिजिटल दुनिया में पैदा हुए हैं। ये लोग अपने स्मार्टफोन्स को अपने आसपास के लोगों से कहीं ज्यादा महत्व देते हैं। रिपोर्ट में यह साफ हुआ है कि इस मामले में इंडिया टॉप पर है। स्मार्टफोन और लाइफ को बैलेंस करने के इच्छुक लोगों के बारे में जानकारी जुटाई गई तो इसमें भी भारत टॉप पर रहा। तकरीबन 64 पर्सेंट भारतीय ऐसा चाहते हैं कि उनकी लाइफ और स्मार्टफोन के प्रयोग में बैलेंस आ जाए। तकरीबन 50 पर्सेंट लोगों ने यह स्वीकारा है कि वे सुबह उठते सबसे पहले अपना फोन ही चेक करते हैं। भारत इस मामले में भी अन्य देशों के मुकाबले सबसे आगे खड़ा है। स्टडी में यह भी सामने आया है कि कैसे स्मार्टफोन खो जाने पर लोग परेशान हो जाते हैं। स्मार्टफोन खो जाने पर पैनिक हो जाते हैं।