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अलर्ट! करोड़ों सेविंग्स अकाउंट के लिये 30 जून के बाद बदल जाएगा ये जरूरी नियम…

एटीएम विड्रॉल चार्ज से भी मिली थी राहत

औसत न्यूनतम बैलेंस के साथ ही केंद्र सरकार ने एटीएम से कैश विड्रॉल (ATM Withdrawal Charge) पर लगने वाले चार्ज से भी राहत दी थी. वित्त मंत्री ने कहा कि डेबिट कार्ड होल्डर्स तीन महीनों के लिए किसी भी बैंक के एटीएम से कैश विड्रॉल कर सकते हैं.

इसके लिए उन्हें कोई चार्ज नहीं देना होगा. इस दौरान वित्त राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने बताया था कि यह फैसला इसलिये लिया गया है ताकि कैश निकालने के लिए कम से कम संख्या में लोग बैंक शाखाओं में जायें.

प्राइवेट सेक्टर के दो बड़े बैंकों की बात करें तो HDFC Bank और ICICI Bank मिनिमम बैलेंस अनिवार्य रखते हैं. ऐसा नहीं करने पर ग्राहकों से एक तय चार्ज वूसला जाता है. हालांकि, सरकार द्वारा तीन महीनों की छूट इन बैंकों पर भी लागू है. आइए जानते हैं इन दोनों बैंकों में मिनिमम बैलेंस की अनिवार्यता के क्या नियम हैं.

एचडीएफसी बैंक में क्या हैं मिनिमम बैलेंस का नियम?

अगर मेट्रो या शहरी क्षेत्रों में किसी ग्राहक ने एचडीएफसी बैंक में सेविंग्स अकाउंट खोल रखा है तो उनके लिये अपने खाते में कम से कम 10,000 हजार रुपये हर महीने रखना अनिवार्य है. इसी प्रकार अ​र्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में यह लिमिट क्रमश: 5000 रुपये और 2,500 रुपये की है. ग्रामीण क्षेत्रों के सेविंग्स अकांउट में अगर कोई 2,500 रुपये नहीं रखता है तो उन्हें एक साल एक दिन के लिये कम से कम 10,000 रुपये का फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit) करवाना अनिवार्य होता है.

आईसीआईसीआई बैंक में क्या है नियम?

मेट्रो या शहरी क्षेत्रों में आईसीआईसीआई बैंक में सेविंग्स अकाउंट के लिये यह अनिवार्यता 10,000 रुपये की है. अर्ध-शहरी क्षेत्रों में यह 5,000 रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों के लिये 2,000 रुपये है. कुछ सूदुर ग्रामीण इलाकों में मिनिमम बैलेंस की लिमिट 1,000 रुपये की है. मिनिमम बैलेंस नहीं मेंटेन करने पर आईसीआईसीआई बैंक मेट्रो, शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में ग्राहकों से 100 रुपये और जितनी रकम कम है, उसका 5 फीसदी चार्ज के तौर पर वसूलता है.

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