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आखिर इसलिए जरूरी है सोशल डिस्टेंसिंग…क्योंकि कोरोना का एक मरीज 59,000 लोगों को कर सकता है संक्रमित…जानें कैसे…

एक अनुभवी डॉक्टर ने कहा है कि एक कोरोना वायरस पीडि़त शख्स 59,000 लोगों को संक्रमित कर सकता है. यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के इंटेंसिव केयर मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. ह्यू मॉन्टगोमरी ने कहा है कि कोरोना वायरस काफी अधिक संक्रमण फैलाने वाला वायरस है।
डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, चैनल 4 से बातचीत करते हुए डॉ. ह्यू ने विस्तार से समझाया कि किस तरह एक संक्रमित व्यक्ति से हजारों लोगों को ये वायरस हो सकता है. उन्होंने लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग पर अमल करने की अपील भी की।
ह्यू ने कहा कि अगर उन्हें सामान्य फ्लू होता है तो वे औसतन 1.3 से 1.4 व्यक्ति को संक्रमित करते हैं. फ्लू के दौरान अगले संक्रमित व्यक्ति भी अन्य लोगों को संक्रमित करते हैं और आगे 10 बार संक्रमण चक्र चलता रहता है तो कुल 14 संक्रमण के मामले होंगे।
ह्यू ने फ्लू की कोरोना वायरस से तुलना करते हुए इसके खतरे के बारे में आगाह किया. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस एक इंसान से औसतन करीब 3 इंसानों में फैलता है।
ह्यू ने कहा कि कोरोना वायरस का संक्रमण एक से तीन को हो सकता है और अगर ये 10 लेयर में आगे बढ़ता है तो इससे 59,000 लोगों के संक्रमित होने का खतरा है. उदाहरण के लिए 1 से 3, 3 से 9, 9 से 27, 27 से 81, 81 से 243, 243 से 729, 729 से 2187, 2187 से 6561, 6561 से 19683, 19683 से 59,049 लोगों को।
ह्यू ने कहा कि वे कोरोना वायरस से जुड़े आंकड़ों को कम करके नहीं दिखाएंगे, भले वे कुरूप दिखें. हालांकि, उन्होंने कहा कि संक्रमित होने वाले लोगों में से कुछ ही फीसदी लोग बीमार पड़ेंगे और उनमें से भी कुछ को ही (काफी कम फीसदी) आईसीयू में रखने की जरूरत होगी. हालांकि, जो बीमार नहीं पड़ेंगे, वे भी संक्रमित होकर अन्य लोगों में वायरस का प्रसार करते रहेंगे।
बता दें कि दुनियाभर में कोरोना वायरस के मामले बेहद तेजी से बढ़ रहे हैं. वहीं, भारत में अब तक 566 कंफर्म केस मिले हैं. इसमें 11 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 46 लोग ठीक हो चुके है।