छत्तीसगढ़ में CM हेल्पलाइन 1076 जल्द होगी शुरू, कॉल-ऐप-व्हाट्सएप से भी दर्ज होंगी शिकायतें

छत्तीसगढ़ सरकार जल्द ही प्रदेश में सीएम हेल्पलाइन (1076) शुरू करने जा रही है। इस हेल्पलाइन के जरिए पब्लिक अपनी शिकायतें सीधे सरकार तक पहुंचा सकेंगे। हेल्पलाइन के संचालन को लेकर सोमवार को मंत्रालय स्थित महानदी भवन में सभी विभागों के नोडल और सहायक नोडल अधिकारियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत ने की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सीएम हेल्पलाइन आम लोगों तक सुशासन पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम बनेगी। इसलिए सभी विभाग शिकायतों का तय समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया समझाई गई
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को नई शिकायत मैनेजमेंट प्रणाली की पूरी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि यदि किसी स्तर पर शिकायत का समय पर निराकरण नहीं होता है तो वह स्वतः अगले स्तर पर पहुंच जाएगी। यह प्रक्रिया एल-1 से एल-4 स्तर तक लागू रहेगी, जिससे शिकायतों की लगातार निगरानी हो सकेगी।
साथ ही शिकायतों के निराकरण के बाद शिकायतकर्ता से फीडबैक लेने की व्यवस्था के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शिकायकर्ता वास्तव में समाधान से संतुष्ट है या नहीं।
लॉन्चिंग के बाद कई माध्यमों से कर सकेंगे शिकायत
सुशासन एवं अभिसरण विभाग के संयुक्त सचिव मयंक अग्रवाल ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन शुरू होने के बाद नागरिक टोल-फ्री नंबर 1076 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इसके अलावा वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप के माध्यम से भी शिकायतें दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध होगी।
उन्होंने कहा कि इस नई व्यवस्था से शिकायतों का समाधान जल्दी और बेहतर तरीके से हो सकेगा और नागरिक संतुष्टि भी बढ़ेगी। साथ ही लोगों को अपनी समस्या लेकर अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
सभी विभागों के अधिकारी हुए शामिल
प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के नोडल और सहायक नोडल अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों को तकनीकी और प्रशासनिक दोनों पहलुओं की जानकारी दी गई ताकि सीएम हेल्पलाइन शुरू होने के बाद शिकायतों का प्रभावी और समयबद्ध निराकरण किया जा सके।



