छत्तीसगढ़ दुर्ग

हर ब्लाॅक पानी-पानी… लगातार गेट खुले फिर भी बांध लबालब, अगले सप्ताह होगी मानूसन की विदाई, सीजन में 40% अधिक बरसे बादल, 15 साल बाद बनी ऐसी स्थिति…

दक्षिण पश्चिम मानसून अपने अंतिम दौर में हैं। संभवत: इसकी विदाई की घोषणा अगले सप्ताह हो जाएगी। इसके साथ ही बारिश का सीजन भी खत्म हो जाएगा। लेकिन इस बार बारिश ने जो आंकड़े दिए हैं, वजह रिकार्ड स्तर पर है।

पूरे सीजन में अब तक 40 फीसदी अधिक बारिश हुई है। ऐसी स्थिति लगभग 15 साल बाद बनी है। जब बारिश का आंकड़ा औसत के पार पहुंचा है। लेकिन इस बार बारिश औसत से 40 फीसदी अधिक है। हर ब्लाक में औसत से कहीं अधिक बारिश दर्ज हुई है। यही वजह है कि जलाशयों के गेट बार-बार खोले जाने के बाद भी अब तक जलाशयों का भराव 90 फीसदी से अधिक है। अच्छी बारिश से धान के बेहतर उत्पादन की भी संभावना है। हालांकि अगस्त में हुई अनियमित और अतिवृष्टि ने खरीफ की दूसरी फसलों को नुकसान जरुर पहुंचाया है। इन सब के बावजूद बारिश ने जिले को पूरे सालभर के लिए निश्चिंत कर दिया है। जलाशयों में भरा पानी और बढ़े जलस्तर का अच्छा असर पूरे सालभर बना रहेगा।

राजनांदगांव जिले में कुल 1150 मिमी दर्ज की गई बारिश, वनांचल में अधिक
जिले में पहले जून से अब तक 1150 मिमी औसत बारिश दर्ज हो चुकी है। जिले की कुल औसत वर्षा 867 मिमी. है। इसकी तुलना में अब तक हुई बारिश सीजन की 40 फीसदी अधिक है। ऐसी स्थिति करीब 15 साल बनी हुई है। सबसे अधिक बारिश वनांचल क्षेत्र में हुई है। इसके अलावा लगभग हर ब्लाक में बारिश ने अपना पुराना रिकार्ड तोड़ा है। हर ब्लाक में औसत से कहीं अधिक बारिश दर्ज हुई है। इससे नदी नालों में भी जलभराव की स्थिति बेहतर बनी हुई है।

विदाई होगी पर सिस्टम मजबूत हुआ तो बरसेंगे, अब ज्यादा वर्षा की जरूरत नहीं
मौसम विभाग ने बताया कि मानसून की विदाई अगले सप्ताह तय हो चुकी है। इसके साथ ही राज्य में बारिश का सीजन खत्म होना माना जाएगा। लेकिन खाड़ी में बन रहे सिस्टम के चलते बारिश हो सकती है। संभावना है कि दहशरे तक बारिश की स्थिति जिले में बनी रहेगी। इधर किसानों ने धान की फसल के लिए अब तक पर्याप्त बारिश होने की बात कही है। किसानों के मुताबिक फसल बेहतर ग्रोथ की स्थिति में हैं। ऐसे में अब अधिक बारिश की जरुरत नहीं हैं।

मोंगरा में भराव 90% दूसरों में भी यही स्थिति
विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक इस सीजन में मोंगरा बैराज के गेट करीब 25 बार खोलने की स्थिति बनी है। यह भी अपने आप में रिकार्ड है। इन सभी स्थितियों में बैराज का जलभराव 100 फीसदी के करीब पहुंच गया था। जिसे देखते हुए जलाशयों के गेट खोले गए। इन सब के बाद भी मोंगरा बैराज में वर्तमान स्थिति में भराव 90 फीसदी से अधिक है। यही स्थिति खातुटोला बैराज और सूखानाला बैराज में भी बनी हुई है। रुसे जलाशय, पिपरिया जलाशय सहित अन्य जलाशयों में भी जलभराव 90 फीसदी के पार है।

जानिए, अब तक कहां कितनी बारिश हो चुकी
छुईखदान में 1007 मिमी, खैरागढ़ में 801, डोंगरगढ़ में 1218, राजनांदगांव में 948, डोंगरगांव में 1050, चौकी में 1271, मोहला में 1568, मानपुर में 1564, छुरिया में 1256 मिमी बारिश हो चुकी है।