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क्या आप भी बढ़ाना चाहते हैं कार का माइलेज? अपनाएं ये तरीके, बचेंगे हजारों रुपए

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच कार मालिकों के लिए उसका माइलेज सबसे जरूरी होता है. कार पुरानी हो तो कार का माइलेज भी कम हो जाता है. अगर आप भी अपनी कार के कम माइलेज से परेशान हैं और उसे कई बार मैकेनिक से सही कराकर भी अच्छा माइलेज नहीं ले पा रहे हैं तो चिंता मत कीजिए.

यहां आज आपको कुछ ऐसी टिप्स बताने जा रहे हैं, जिन्हें फॉलो कर आप आसानी से कार से ज्यादा माइलेज प्राप्त कर सकते हैं. अगर ऐसा हुआ तो आपके काफी रुपये बचेंगे.

सही समय पर इस्तेमाल करें क्लच
कार चलाते वक्त अक्सर क्लच का बेवजह इस्तेमाल से बचना चाहिए. इसे ज्यादा इस्तेमाल करने से ज्यादा फ्यूल खर्च होता है. जहां कलच की जरूरत न हो, वहां इसका इस्तेमाल बिल्कुल न करें. नई गाड़ी चलाने वाले अक्सर क्लच पर ज्यादा जोर देते हैं. इससे आपकी क्लच प्लेट भी खराब हो सकती हैं. इसके लिए उचित गियर्स का इस्तेमाल करें और जरूरत पड़ने पर ही क्लच का इस्तेमाल करें.

टायर प्रेशर चेक करते रहें
कार के टायरों में हमेशा सही प्रेशर रखना चाहिए. क्योंकि टायर में कम हवा रखने से इसके माइलेज पर सीधा असर पड़ता है, वहीं ज्यादा हवा रखने से टायर फटने का खतरा है. इसलिए जरूरी है कि समय-समय पर एयर प्रेशर चेक कराते हैं. अगर आपका बजट होतो आप कार के टायरों एयर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम भी लगवा सकते हैं. इससे काफी सहूलियत होती है.

स्पीड मेंटेन रखें
कार चलाते वक्त हमेशा कार की स्पीड न ज्यादा कम और न ही बहुत ज्यादा रखनी चाहिए, क्योंकि कार का माइलेज सबसे ज्यादा स्पीड पर डिपेंड करता है. अगर आप सही स्पीड में कार चलाएंगे तो आपको बेहतरीन माइलेज मिलेगा. एक्सपर्ट बताते हैं कि कार की स्पीड अगर 80 किमी प्रति घंटा से 100 किमी प्रति घंटा की बीच होता हाईवे पर कार अच्छा माइलेज देती है.

समय पर सर्विस
कार के अच्छे रखरखाव और नियमित सर्विस से इसके माइलेज को बढ़ाने में मदद मिलती है. गाड़ियों के घूमने वाले हिस्से जैसे इंजन और गियरबॉक्स को लुब्रिकेशन की जरूरत होती है. ऐसा नहीं करने पर इसका माइलेज कम हो जाता है. इसलिए जरूरी है कि कार नई हो या पुरानी समय-समय पर इसकी सर्विस कराते हैं. कम से कम साल में एक बार या 10 हजार किलोमीटर चलने पर सर्विस जरूर कराएं.

ट्रैफिक अलर्ट
कहीं जाने से पहले एक बार कार में दिए गए ट्रैफिक अलर्ट फीचर का इस्तेमाल करें. इससे आपको पता चलेगा कि आप जहां जा रहे हैं उस रास्ते में कहीं ज्यादा ट्रैफिक तो नहीं है. इन दिनों रेडियो स्टेशन और स्मार्ट फोन पर ट्रैफिक अलर्ट आते रहते हैं, जिसमें यह बताया जाता है कि कहां ज्यादा ट्रैफिक है. इस हिसाब से अपने रूट की प्लानिंग करें तो आप फ्यूल बचा सकते हैं.