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राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव: छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार और उत्तराखंड को विभिन्न श्रेणियों में मिला प्रथम पुरस्कार…चार श्रेणीयों में बांटा गया पुरस्कार…

रायपुर। प्रदेश में पहली बार आयोजित राष्ट्रीय नृत्य महोत्सव का लोगों ने भरभूरे आनंद लिया। कल महोत्सव का अंतिम दिन था, साथ ही पुरस्कार वितरण भी किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नृत्य महोत्सव में आयोजित प्रतियोगिता के विजेता नृतक दलों को पुरस्कार राशि, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया।



प्रत्येक श्रेणी के लिए प्रथम पुरस्कार के रूप में नृतक दल को पांच लाख रूपए की राशि, द्वितीय पुरस्कार के रूप में तीन लाख रूपए की राशि, तृतीय पुरस्कार में दो लाख रूपए और सांत्वना पुरस्कार के रूप में नर्तक दलों को 25-25 हजार रूपए के चेक प्रदान किए गए।


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राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में कलाकारों ने चार श्रेणीयों में अपने नृत्य का प्रदर्शन किया। इसमें पहले विवाह एवं अन्य संस्कार, दूसरा पारंम्परिक त्यौहार एवं अनुष्ठान, तीसरा फसल कटाई एवं कृषि तथा अन्य पांरम्परिक विधाएं शामिल रहीं।

विवाह एवं अन्य संस्कार श्रेणी में प्रथम पुरस्कार- गौर माडिय़ा छत्तीसगढ़ चंदन सिंह बघेल दल को दिया गया। इस श्रेणी में द्वितीय पुरस्कार डमकच झारखंड के किशोर नायक दल, तृत्तीय पुरस्कार (संयुक्त रूप से) विवाह नृत्य लद्दाख के सोनम सोपेरी टीम एवं तमांग सेलो, सिक्किम सुगायत्री राय की टीम को प्रदान किया गया। इस श्रेणी में सांत्वना पुरस्कार कयांग, हिमांचल बृजलाल दल को दिया गया।



द्वितीय श्रेणी पारंम्परिक त्यौहार एवं अनुष्ठान में प्रथम पुरस्कार सिंगारी ओडिसा के ध्यानानंद पेडा दल को, द्वितीय पुरस्कार तारपा, महाराष्ट्र के राजन वैद्य दल एवं तृतीय पुरस्कार (संयुक्त रूप से) छाऊ, झारखंड प्रभात महतो दल एवं कोमकोया, आंध्रप्रदेश मधु को तथा सांत्वना पुरस्कार सगोरिया, मध्यप्रदेश गोविंद गहलोत को प्रदान किया गया।

तृतीय श्रेणी फसल कटाई एवं कृषि में प्रथम पुरस्कार करमा तिहार, बिहार के रणधीर दल, द्वितीय पुरस्कार झिंझी, उत्तर प्रदेश बंटी राणा दल तथा तृतीय पुरस्कार (संयुक्त रूप से) ममीता, त्रिपुरा, अशोक बर्मन टीम एवं टोडा, तमिलनाडु सुअसमामल्ली टीम तथा सांत्वना पुरस्कार लम्बाड़ी तेलंगाना चंदू नायक दल को दिया गया।चतुर्थ श्रेणी में अन्य पांरम्परिक विधाएं में प्रथम पुरस्कार बगड़वाल उत्तराखंड प्रेम हिंदवाल, द्वितीय पुरस्कार गद्दीराम हिमांचल के प्यारेलाल तथा तृतीय पुरस्कार (संयुक्त रूप से) राढवा गुजरात राजेश राढवा और डाग गुजरात पवन बादल तथा सांत्वना पुरस्कार इदु, अरूणाचल के टेशी मित्री को दिया गया।

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