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जरुरी खबर: कल से बदल जाएंगे ये सात अहम नियम…आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर…

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एक अक्तूबर से भारत में सात बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। इन बदलावों का आपकी जिंदगी पर सीधा असर पड़ेगा। इन नए नियमों से जहां एक ओर आपको राहत मिलेगी, वहीं अगर आपने कुछ बातों का ध्यान नहीं रखा तो आपको आर्थिक नुकसान भी हो सकता है।

इनमें रसोई गैस सिलिंडर के दाम, लोन, पेंशन, जीएसटी काउंसिल का फैसला, ड्राइविंग लाइसेंस, होटल का किराया, आदि शामिल है। आइए जानते हैं इन महत्वपूर्ण बदलावों के बारे में।

रसोई गैस के बदल जाएंगे दाम
सरकार एक अक्तूबर से रसोई गैस के दाम में भी बदलाव करेगी। पिछले महीने एक सितंबर को बिना सब्सिडी वाले रसोई गैस के दाम में 15.50 रुपये का इजाफा किया था। राजधानी दिल्ली में इसकी कीमत 590 रुपये प्रति सिलिंडर (14.2 किलो) पहुंच गई है। इसके अलावा एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) यानी विमान ईंधन की कीमतों में भी इसी दिन बदलाव किया जाएगा।



केंद्रीय कर्मियों के पेंशन नियम बदलेंगे
सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के पेंशन नियमों में बदलाव किया है, जो एक अक्तूबर से लागू हो जाएंगे। मौजूदा नियमों के तहत केंद्रीय कर्मी की सेवा अगर सात साल पूरी होती है तो उनकी मौत की स्थिति में परिवार को अंतिम वेतन के 50 फीसदी के बराबर पेंशन दी जाती है। बदलाव के तहत अगर कर्मचारी को लगातार सेवा के सात साल पूरे नहीं हुए हैं, तो भी उसके परिवार को पेंशन का लाभ दिया जाएगा।

डीएल-आरसी में भी बदलाव
अब पूरे देश में डीएल और आरसी का रूप-रंग बदलने जा रहा है। एक अक्तूबर से पूरे देश में डीएल और गाड़ी के पंजीकरण प्रमाण पत्र का रंग, लुक, डिजाइन और सुरक्षा फीचर एक जैसे होंगे। स्मार्ट डीएल और आरसी में माइक्रोचिप व क्यूआर कोड होंगे, जिससे पिछला रिकॉर्ड छुपाया नहीं जा सकेगा।

क्यूआर कोड रीड करने के लिए ट्रैफिक पुलिस को हैंडी ट्रैकिंग डिवाइस दिया जाएगा। अब हर राज्य में डीएल, आरसी का रंग समान होगा व उनकी प्रिंटिंग भी एक जैसी होगी। इसके अलावा डीएल और आरसी में जानकारियां भी एक जैसी और एक ही जगह पर दी जाएंगी। बदलाव के साथ सरकार सभी वाहनों और चालकों का ऑनलाइन डाटाबेस भी तैयार करेगी।



सस्ते होंगे होम-ऑटो लोन
आरबीआई के रेपो रेट में कटौती का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए एसबीआई ने एक अक्तूबर से अपनी कर्ज की ब्याज दरों को रेपो रेट से जोड़ने का फैसला किया है। इससे ग्राहकों को करीब 0.30 फीसदी तक सस्ती दरों पर होम और ऑटो लोन मिल सकेगा।

एसबीआई के अलावा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन बैंक, निजी क्षेत्र के फेडरल बैंक ने भी 1 अक्तूबर से अपनी खुदरा कर्ज की ब्याज दरों को रेपो से जोड़ने का एलान किया है। अभी तक सभी बैंक एमसीएलआर पर आधारित ब्याज दर से कर्ज देते हैं।

कम होगा होटल का किराया
वस्तु एवं सेवाकर परिषद (जीएसटी काउंसिल) ने होटल किराए में कमी करने का फैसला लिया था। नई दरें एक अक्तूबर से लागू होंगी। 7500 रुपये और इससे ज्यादा किराये वाले कमरों पर अब कर 18 फीसदी होगा।

पहले यह दर 28 फीसदी थी। 1001 रुपये से 7500 रुपये तक के किराये वाले होटल के कमरे पर कर की दर 12 फीसदी होगी। 1000 रुपये तक के किराये पर कोई जीएसटी नहीं देना होगा।
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मिनिमम बैंलेंस में 80 फीसदी राहत
एसबीआई एक अक्तूबर से मेट्रो शहरों के ग्राहकों के लिए मंथली मिनिमम बैलेंस की रकम घटाकर 3,000 रुपये कर देगा, जो अभी 5,000 रुपये है। इसके अलावा पूर्ण शहरी इलाके के खाताधारकों को मिनिमम बैलेंस नहीं रखने पर लगने वाला चार्ज भी कम कर दिया है।

ऐसे ग्राहकों के खाते में 75 फीसदी से कम राशि हुई तो 15 रुपये जीएसटी के साथ जुर्माना लगेगा, जो अभी तक 80 रुपये और जीएसटी लगता है। वहीं, 50 से 75 फीसदी राशि कम होने पर 12 रुपये और जीएसटी लगेगा, जो अभी 60 रुपये जीएसटी के साथ है।



जीएसटी रिटर्न का नया फॉर्म लागू
पांच करोड़ सालाना से ज्यादा टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए जीएसटी रिटर्न का फॉर्म 1 अक्तूबर से बदल जाएगा। ऐसे कारोबारियों को अनिवार्य रूप से जीएसटी एएनएक्स-1 फॉर्म भरना होगा, जो जीएसटीआर-1 की जगह लेगा।

छोटे कारोबारियों के लिए इस फॉर्म को जनवरी 2020 से अनिवार्य बनाया जाएगा। बड़े करदाता फिलहाल अक्तूबर और नवंबर महीने के लिए जीएसटीआर 3बी फॉर्म भरते रहेंगे।

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