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आईटी रिटर्न दाखिल करने वालों के लिए अच्छी खबर…इनकम टैक्स विभाग देगा मुफ्त में पैन कार्ड…अगर आपने ऐसा किया है तो…

नई दिल्ली। इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने वालों के लिए अच्छी खबर है। इनकम टैक्स विभाग आपको एक तौफा देने का फैसला किया है। अगर आपके पास पैन कार्ड नहीं है और आपने अपने आधार कार्ड की मदद से इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल किया है तो आपको बिना आवेदन के इनकम टैक्स विभाग पैन कार्ड देगा। यानी इस रिटर्न फाइल से ही ऐसा मान लिया जाएगा कि आपने पैन कार्ड के लिए आवेदन किया है।

इनकम टैक्स नियमों में हुए बदलाव के मुताबिक जो लोग कुछ खास ट्रांजेक्शन में आधार नंबर का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें अब परमानेंट अकाउंट नंबर (पैन) हासिल करने के लिए अतिरिक्त दस्तावेजों की जरूरत नहीं होगी। नए नियम 1 सितंबर से ही लागू हो गए हैं।

30 अगस्त को जारी नोटिफिकेशन में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने कहा है, किसी व्यक्ति ने यदि धारा 139्र की उपधारा (5श्व) के अनुरूप परमानेंट एकाउंट नंबर की जगह अपना आधार नंबर दिया या बताया है तो यह माना जाएगा कि उसने परमानेंट अकाउंट नंबर के लिए आवेदन किया है और इस नियम के तहत उसे अब किसी आवेदन या दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी।



सीबीडीटी ने यह भी कहा है कि अब कोई भी आधार कार्ड धारक अपने 12 अंकों वाले बायोमीट्रिक पहचान संख्या यानी आधार नंबर के आधार पर पैन हासिल करने का आवेदन कर सकता है। उन्हें अब किसी भी तरह के अन्य आवेदन या दस्तावेज को जमा करने की जरूरत नहीं होगी।

नोटिफिकेशन में कहा गया है कि सीबीडीटी पैन के आवंटन के लिए किसी भी व्यक्ति के बारे में डेमोग्रैफिक जानकारी यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया से हासिल करेगा।
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गौरतलब है कि जुलाई में इस वित्त वर्ष का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आधार और पैन के अदला-बदली यानी दोनों का एक-दूसरे की जगह इस्तेमाल की योजना की जानकारी दी थी।

वित्त मंत्री ने कहा था जिन लोगों के पास इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए पैन नहीं है, वे सिर्फ आधार संख्या बताकर रिटर्न दाखिल कर सकते हैं और जहां-जहां पैन की जरूरत है, वहां भी आधार नंबर बताकर काम चलाया जा सकता है।



गौरतलब है कि आधार 12 अंकों की एक पहचान संख्या होती है जिसमें किसी भारतीय निवासी का नाम, जन्मतिथि, लिंग, पता, फोटो और बायोमीट्रिक आंकड़ा होता है। दूसरी तरफ, पैन किसी व्यक्ति, फर्म या संस्था की आयकर विभाग द्वारा आवंटित 10 अंकों की अल्फान्यूमरिक नंबर होता है।

देश में करीब 120 करोड़ आधार नंबर जारी किए जा चुके हैं, जबकि 41 करोड़ पैन कार्ड जारी किए गए हैं। इनमें से 22 करोड़ पैन अब तक आधार संख्या से लिंक्ड हो चुके हैं।

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