छत्तीसगढ़

बजट सत्र में होगी प्रश्रों की बौछार, अब तक लगे 1568 प्रश्न

रायपुर। चतुर्थ छत्तीसगढ़ विधानसभा के पन्द्रहवां सत्र के अंतिम बजट सत्र में इस बार प्रश्रों की बौछार रहेगी। अब तक 1568 प्रश्र लग चुके है, वहीं प्रश्र लगाने का सिलसिला अभी जारी रहेगा। संभावना जतायी जा रही है कि बजट सत्र में इस बार दो हजार से अधिक प्रश्र लग सकते है। बजट सत्र इस बार 5 फरवरी से प्रारंभ हो रहा है जो 28 फरवरी तक चलेगा। बजट सत्र में इस बार कुल 17 बैठकें होगी। कम दिनों का बजट सत्र होने के बावजूद सत्र के लिए विपक्षी विधायकों के अलावा सत्ता पक्ष के विधायक भी बढ़-चढ़कर प्रश्र लगा रहे है। 6 दिनों में अब तक कुल 1568 प्रश्र लग चुके है। इसमें 800 तारांकित एवं 768 अतारांकित प्रश्र शामिल है। जिस तरह से प्रश्र लग रहे है उससे संभावना जतायी जा रही है कि बजट सत्र में प्रश्रों की संख्या दो हजारका आकड़ा या उसे पार कर सकता है। बजट सत्र में तारांकित एवं अतारांकित प्रश्रों के अलावा ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से भी प्रश्र लगाये जा रहे है। भाजपा सरकार के तीसरे कार्यकाल का अंतिम बजट सत्र होने बावजूद सत्र के हंगामेदार होने की उम्मीद कम दिख रही है। क्योंकि बजट सत्र के पूर्व में शीतकालीन सत्र के दौरान कांग्रेस द्वारा सरकार के खिलाफ करीब 150 बिन्दुओं पर अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। इस प्रस्ताव पर दिन-रात लंबी चर्चा भी चली थी, लेकिन अंत में वोटिंग के बाद मतगणना में बहुमत के आधार पर अविश्वास प्रस्ताव धराशाही हो गया। चूंकि किसी भी विपक्षी पार्टी का विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाना सबसे बड़ा हथियार माना जाता है और इस प्रस्ताव के धराशाही होने के बाद अब कांग्रेस के पास मुद्दों की कमी हो गई है। क्योंकि अविश्वास प्रस्ताव के जरिए कांग्रेस द्वारा प्रदेश से जुड़े लगभग सभी बड़े मुद्दों को ला चुका है। ऐसे में कांग्रेस के पास अब नये मुद्दों का टोटा सा है। हालांकि इसके बावजूद कांग्रेस कुछ पुराने बड़े मुद्दों पर ही सरकार को घेरने का प्रयास कर सकती है।