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DKS अस्पताल में सभी सेवाओं के लिए होगा नया टेंडर…स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने की अस्पताल व्यवस्थाओं की समीक्षा…चिरायु योजना के लिए डीकेएस अस्पताल बनेगा फर्स्ट रेफरल सेंटर, मरीज के परिजनों के रूकने की होगी व्यवस्था, प्राध्यापकों की होगी भर्ती

रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने डीकेएस पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट एवं रिसर्च सेंटर के व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्वशासी समिति की बैठक में सुपरस्पेशियालिटी अस्पताल के अनुरूप लोगों को इलाज उपलब्ध कराने और व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश अस्पताल प्रशासन को दिए।

उन्होंने एजेंसियों के माध्यम से वहां ली जा रही सुविधाओं के लिए नया टेंडर जारी करने कहा। स्वशासी समिति की बैठक में चिरायु योजना के तहत ऑपरेशन के लिए डीकेएस अस्पताल को फर्स्ट रेफरल सेंटर के रूप में मान्यता देने का निर्णय लिया गया।

स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में कहा कि डीकेएस अस्पताल में नई शुरूआत की जरूरत है। वहां सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने नए सिरे से काम करना होगा। उन्होंने कहा कि लोगों को कम खर्च में उत्कृष्ट इलाज की सुविधा मिले, इसके लिए वहां उच्च स्तरीय व्यवस्था जरूरी है।



सिंहदेव ने वहां पूर्व में बिना विभागीय अनुमोदन और प्रक्रिया के किए गए कार्यों को निरस्त करने कहा। उन्होंने इस संबंध में किसी भी तरह का भुगतान नहीं करने के निर्देश अस्पताल प्रबंधन को दिए। उन्होंने अनावश्यक खर्चों और गैरजरूरी मानव संसाधन को खत्म करने के निर्देश दिए।

सिंहदेव ने डीकेएस अस्पताल के स्वशासी समिति की बैठक में मरीजों के परिजनों के रूकने के लिए तथा केन्द्रीय दवा भंडार के लिए नए भवन के निर्माण की स्वीकृति दी। डीकेएस पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट में व्याख्याताओं-प्राध्यापकों के रिक्त पदों पर भर्ती की मंजूरी भी दी गई।

सिंहदेव ने अस्पताल परिसर में संचालित फॉर्मेसी सहित अन्य दुकानों को तत्काल खाली कराते हुए उनके दोबारा आबंटन की प्रक्रिया शुरू करने कहा। उन्होंने अस्पताल की आय बढ़ाने के लिए पारदर्शी तरीके से इन्हें आबंटित करने कहा।
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उन्होंने प्रमाणित एजेंसी से अस्पताल में अग्नि सुरक्षा और विद्युत सुरक्षा संबंधी ऑडिट यथाशीघ्र कराने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में मानव संसाधन, उपकरण, जांच, दवाई और अन्य व्यवस्थाओं पर हर महीने होने वाले खर्च का ब्यौरा मांगा।

उन्होंने अस्पताल को शासन से और विभिन्न सेवाओं के एवज में मरीजों से मिलने वाली राशि की भी जानकारी मांगी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से आय-व्यय की जानकारी एक सप्ताह में उपलब्ध कराने कहा।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग की सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं भुवनेश यादव, संचालक चिकित्सा शिक्षा एवं डीकेएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एस.एल. आदिले, वित्त विभाग व जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्वशासी समिति के सदस्य मौजूद थे।

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