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शैलेश नितिन त्रिवेदी बोले…रमन सरकार की कमीशनखोर नीति के शिकार हुए बस्तर के दोनों किसान…कांग्रेस उनकी सहायता के हर संभव प्रयास कर रही…

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि जगदलपुर के दोनों किसान पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार के शिकार हुए हैं।

भारतीय जनता पार्टी की सरकार के समय सत्ता में बैठे लोगों के संरक्षण में कुछ दलाल किस्म के लोग किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर उनसे सुनियोजित ठगी को अंजाम दे रहे थे।

दलालों ने ड्रिप इरिगेशन लगाने के लिए बैंकों से ऋण दिलाने एवं कृषि विभाग से अनुदान दिलाने के लिए इन किसानों के जमीन के पेपर चेक और फोटो ले लिया था और किसानों की जानकारी के बिना उनके नाम से बैंक से ऋण ले लिया गया।



बैंक ने जब किसानों से ऋण की वसूली के लिए चेक लगाया तब किसान के चेक बाउंस हो गया और चेक बाउंस का प्रकरण में किसानों को न्यायालय के निर्देश पर गिरफ्तारी हुई। पूरे प्रकरण में पूर्व भारतीय जनता पार्टी की सरकार दोशी है जिसके संरक्षण में कमीशनखोर भ्रष्टाचारी फलते फूलते रहे है।

दुर्भाग्यजनक है कि उस समय सरकार के कृषि विभाग के भ्रष्ट अधिकारी भी इस षडयंत्र में शामिल थे। उस दौरान किसानों की शिकायतों पर भाजपा सरकार कार्रवाई नहीं करती थी। बल्कि किसानों के साथ ठगी करने वाले को संरक्षण देती रही है।

शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि बस्तर के किसानों की गिरफ्तारी के लिए पूर्व की रमन सरकार और भाजपा की तत्कालीन सरकार की नीतियां जिम्मेदार है। इस पूरे मामले को कांग्रेस सरकार ने गंभीरता से लिया है। जिला प्रशासन को दोनों किसानों को विधिक सहायता मुहैया कराने के निर्देश दिये गये है।



ताकि उनकी जमानत हो सके। किसानों के साथ धोखाधड़ी मामले में बैंक दलाल और संबंधितों कड़ी कार्यवाही के निर्देश दे दिये गये है। इस मामले की जांच जिला प्रशासन द्वारा अनुविभागीय दण्डाधिकारी के माध्यम से कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की कर्ज माफी का लाभ छत्तीसगढ़ के किसानों को मिल रहा है। प्रदेश के लगभग 20 लाख किसानों का कर्जा कांग्रेस सरकार ने माफ कर दिया है।
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छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्राथमिकता में किसान और उनकी आर्थिक उन्नति है। कांग्रेस सरकार ने पूरे देश में सबसे अधिक कीमत 2500 रू. प्रतिक्विंटल में धान खरीदा गया।

बस्तर में टाटा संयत्र की जमीने किसानों को वापस कर दी गयी, किसानों का सिंचाई कर माफ कर दिया गया, किसानों की 5 डिसमिल से कम जमीनों की रोकी गयी रजिस्ट्रियों को शुरू करवा दिया गया।

भूपेश बघेल की सरकार के किसानों के हित में लिये गये इन निर्णयों से भाजपा विचलित हो गई है। उसे अपनी राजनैतिक जमीन खिसकती नजर आ रही है। इसी लिये वह झूठे और मनगढंत आरोप लगाने की ओछी राजनीति कर रही है। घडिय़ाली आँसू बहाने के बजाये भाजपा अपने पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह से पूछे उनकी सरकार किसानों के साथ धोखाघड़ी करने वालों को क्यों संरक्षण देती थी?

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