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बिहार में फिर बनेगी चाचा-भतीजे की सरकार, आज नीतीश-तेजस्वी लेंगे शपथ, मंत्रिमंडल का फॉर्मूला भी तय

बिहार में बीजेपी के सियासी ब्रेकअप के बाद फिर से चाचा(नीतीश कुमार) और भतीजे (तेजस्वी यादव) की सरकार बनने जा रही है. आज दोपहर दो बजे महागठबंधन सरकार का शपथ ग्रहण समारोह है. मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम पद शपथ लेंगे.

वहीं बिहार की नई सरकार के मंत्रिमंडल की तस्वीर भी साफ हो गई है. जानकारी के मुताबिक कैबिनेट में आरजेडी के सबसे ज्यादा 16 विधायक मंत्री बनेंगे. इसके बाद जेडीयू के 13, कांग्रेस के 4, हम के 1 के विधायक नई सरकार में मंत्री बनेंगे. वहीं लेफ्ट पार्टी सरकार को बाहर से स्पोर्ट कर रही हैं.

इससे पहले नीतीश कुमार ने मंगलवार दोपहर को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. वहीं शाम को राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया. वह महागठबंधन के साथ मिलकर सरकार बनाने जा रहे हैं.

उन्होंने दावा किया कि कुल सात पार्टियों और एक निर्दलीय विधायक ने उन्हें समर्थन दिया है. उनके पास कुल 165 विधायकों का समर्थन हासिल है. अब आज दोपहर दो बजे महागठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम पद की शपथ लेंगे.

हमारे विधायकों को तोड़ने की चल रही थी साजिश
– जेडीयू विधायक दल की बैठक के बाद नीतीश कुमार ने बीजपी पर आरोप लगाते हुए कहा था कि बीजेपी ने हमें हमेशा अपमानित किया. 2019 में भी मंत्री बनाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन प्रतिनिधित्व नहीं मिला.

आरसीपी सिंह के जरिये जेडीयू को कमजोर करने की कोशिश की गई. चिराग पासवान के जरिए हमें कमजोर करने की कोशिश की गई. हमारे विधायकों को तोड़ने की साजिश चल रही थी. हमें खत्म करने की साजिश रची गई.

नीतीश कुमार ने बीजेपी से गठबंधन तोड़ने की वजह बताते हुए कहा कि समाज में विवाद पैदा करने की कोशिश की गई थी. कई तरह की बातें की जा रही थीं, जो कि हमें अच्छा नहीं लग रहा था.

इससे पहले नीतीश ने कहा था कि पार्टी के सभी लोगों की इच्छा थी कि बीजेपी से अलग हो जाना चाहिए. विधायकों और सांसदों की सहमति के बाद गठबंधन तोड़ने का फैसला लिया गया.

आरजेडी में नीतीश का नहीं मिलेगा सम्मान: सुशील मोदी
बीजेपी नेता सुशील मोदी ने कहा कि उन्हें (नीतीश कुमार) राजद में वह सम्मान नहीं मिलेगा जो उन्हें भाजपा में रहते हुए मिला था. हमने ज्यादा सीटें होने के बावजूद उन्हें सीएम बनाया और कभी उनकी पार्टी को तोड़ने की कोशिश नहीं की.