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पीएम मोदी ने की छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना की प्रशंसा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना की प्रशंसा की है। नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की सातवीं बैठक को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि गोबर से बने वर्मी कम्पोस्ट से खेत की उत्पादकता बढ़ती है। गोधन न्याय योजना किसानों के हित में है। बैठक में उपस्थित मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गोधन न्याय योजना के बारे में विस्तार से बताया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने गोमूत्र की खरीदी भी शुरू की है। इससे प्राकृतिक उर्वरकों का निर्माण किया जाएगा। बघेल ने मांग रखी कि कृषि अनुसंधान परिषद नए विकसित किए गए बीजों, ब्रीडर सीड, मिनी किट्स को बड़े पैमाने पर मुफ्त उपलब्ध कराए ताकि दलहन व तिलहन की उत्पादकता बढ़ाई जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा छत्तीसगढ़ खाद्यान्न् के मामले में आत्मनिर्भर है।

दलहन व तिलहन का उत्पादन बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। राज्य में मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना लागू की गई है जिसमें दलहन, तिलहन की खेती या पौधारोपण करने पर प्रति हेक्टेयर 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रविधान है। पिछले साढ़े तीन वर्षों में नीति आयोग ने प्रदेश के आकांक्षी जिलों के बेहतर प्रदर्शन की सराहना की है। हालांकि राज्य में संसाधनों की कमी अभी भी है। इसका समाधान किया जाना चाहिए।

20 हजार से कम आबादी वाले शहरों में लागू करें मनरेगा योजना
मुख्यमंत्री ने 20 हजार से कम आबादी के शहरों में मनरेगा लागू करने का प्रस्ताव दिया। कोयला सहित मुख्य खनिजों की रायल्टी दर में संशोधन का आग्रह किया। कर्मचारियों के हित में नवीन पेंशन योजना में जमा राशि की वापसी की मांग की। जीएसटी क्षतिपूर्ति अनुदान जून 2022 के बाद भी आगामी पांच वर्षों के लिए जारी रखने का अनुरोध किया। इसे बंद करने से राज्य को पांच हजार करोड़ स्र्पये का राजस्व का नुकसान हो रहा है।