देश -विदेश व्यापार स्लाइडर

अब पेट्रोल-डीजल पर नहीं बढ़ेगा VAT, टैक्स चोरों के खिलाफ चलेगा अभियान, CM योगी ने दिए निर्देश

यूपी के मुख्यमंत्री योगाी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में बड़ा ऐलान किया है. सीएम ने कहा कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल पर वैट नहीं बढ़ाया जाएगा. इससे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. इसके साथ ही सीएम ने एसजीएसटी की चोरी के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई के निर्देश दिए है.

सीएम ने कहा कि पिछले 6 महीने में जीएसटी से 4 लाख नए व्यापारी जोड़े गए हैं. उन्होंने अफसरों को वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 1.50 लाख करोड़ राजस्व संग्रह का टारगेट दिया है. मुख्यमंत्री योगी ने बैठक में साफ कहा कि यूपी में पेटोल-डीजल पर वैट नहीं बढ़ेगा. सीएम ने अफसरों से ये भी कहा कि व्यापारियों के साथ मित्रवत व्यवहार रखें और टैक्स चोरों से सख्ती से निपटा जाए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगे से जोनवार टारगेट तय किया जाएगा और साप्ताहिक समीक्षा होगी. माह के अंत में खुद सीएम जोन वार की रिपोर्ट देखेंगे. सीएम ने कहा कि जीएसटी से जोड़ने के लिए छोटे कस्बों में गोष्ठियां आयोजित की जाएं. इसके अलावा, राज्य कर विभाग को निर्देश दिया कि फील्ड के अधिकारियों की साप्ताहिक समीक्षा की जाए.

सीएम ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में राजस्व संग्रह के लिए जोनवार लक्ष्य की समीक्षा की. उन्होंने लक्ष्य प्राप्ति के लिए किये जा रहे प्रयासों की जानकारी ली और अलग-अलग जोन के पोटेंशियल के अनुसार राजस्व संग्रह को बढ़ाने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए.

मुख्यमंत्री ने ये बड़े दिशा-निर्देश दिए…
– वित्तीय वर्ष 2017-18 में प्रदेश का कुल राजस्व संग्रह ₹58,700 करोड़ था, जो वर्ष 2021-22 में बढ़कर लगभग ₹1 लाख करोड़ हो गया है. चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के लक्ष्य ₹31,786 करोड़ के सापेक्ष ₹32,386 करोड़ का संग्रह है. यह स्थिति संतोषजनक कही जा सकती है. यह जनता से एकत्रित राशि है जो प्रदेश के विकास में और लोक कल्याणकारी कार्यों में व्यय होगा.

– चालू वित्तीय वर्ष के लिए ₹1.50 लाख करोड़ के जीएसटी और वैट संग्रह लक्ष्य के अनुरूप राजस्व प्राप्ति के लिए कोशिश की जाए. हमने प्रदेश में वैट की दर में बढ़ोतरी अथवा अन्य कोई नया कर नहीं लगाया है. आज पेट्रोल/डीजल पर सबसे कम वैट की दर उत्तर प्रदेश में है. निकट भविष्य में भी वैट में कोई बढ़ोतरी नहीं होगा.

– शासन स्तर से फील्ड के अधिकारियों को साप्ताहिक टारगेट दिया जाए. इसकी साप्ताहिक समीक्षा की जाए. किस जोन में छापेमारी की कितनी कार्रवाई हुई, कितना राजस्व संग्रह हुआ, सबकी रिपोर्ट तैयार की जाए. मैं स्वयं मासिक बैठक कर जोनवार समीक्षा करूंगा.

– वर्तमान में जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों की संख्या 26 लाख से अधिक हो गई है. आगामी 6 माह में इसे 30 लाख तक बढ़ाने का लक्ष्य लेकर काम करें.

– व्यापारियों को जागरूक किया जाए और जीएसटी में पंजीकृत कराया जाए. व्यापारियों को जीएसटी पंजीयन/रिटर्न दाखिल करने के फायदों के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए. छोटे कस्बों में गोष्ठियां आयोजित करें. गोरखपुर और बस्ती मंडल जैसे कई क्षेत्रों में अभी जागरूकता का अभाव है, इसके लिए फील्ड स्तर के अधिकारियों को विशेष प्रयास करना होगा.

– यह सुनिश्चित कराया जाए कि संविदाकार को भुगतान करते समय टीडीएस की कटौती करके जमा किये जाने वाले विवरण जीएसटीआर-7 और जीएसटीआर-3बी के अंतर के आधार पर टैक्स जमा जमा हो.

– राजस्व संग्रह में आगरा, बरेली, गोरखपुर, अयोध्या आदि जोन ने अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सराहनीय प्रयास किया है. इनके बेस्ट प्रैक्टिस को अन्य ज़ोन को भी अपनाना चाहिए.

– झांसी, प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक विकास के अनेक बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं. यहां बहुत संभावनाएं हैं. कार्यशैली में सुधार कर कर चोरी पर प्रभावी लगाम लगाई जाए.

– एसजीएसटी की चोरी/अपवंचन की कोशिशों को रोकने के लिए सजगता बढ़ाये जाने की जरूरत है. राजस्व की चोरी राष्ट्रीय क्षति है. छापेमारी की कार्यवाही से पहले पुख्ता जानकारी इकठ्ठा करें. रेकी करें. पूरी तैयारी करें. इंटेलिजेंस को और बेहतर करने की आवश्यकता है.

– देश और प्रदेश के विकास में व्यापारी, उद्यमी बंधुओं का बड़ा सहयोग है. प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी उद्यमी, व्यापारी का उत्पीड़न न हो.