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SBI ने चुपचाप ग्राहकों को दिया झटका, हर तरह के लोन हुए महंगे

देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई (SBI) से लोन लेना अब महंगा हो जाएगा. ग्राहकों को बड़ा झटका देते हुए बैंक ने गुरुवार को एक बार फिर एमसीएलआर (MCLR) में बढ़ोतरी का ऐलान किया है. बैंक के इस फैसले का असर होम, ऑटो या पर्सनल सभी तरह के लोन पर पड़ेगा. बैंक की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, नई दरें 15 जुलाई 2022 से प्रभावी होंगी.

MCLR में 10 बीपीएस की वृद्धि
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के रेपो दरों (Repo Rate) में वृद्धि करने के बाद, ज्यादातर बैंकों ने कर्ज की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है. एसबीआई ने भी महीनेभर पहले ही ब्याज दरों में इजाफा किया था, जो 15 जून से लागू हैं. अब एक बार फिर से एसबीआई ने नोटिफिकेशन जारी कर मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट्स (MCLR) में 10 बेसिस प्वाइंट (BPS) या 0.10 फीसदी की बढ़ोतरी का ऐलान किया है. इसके बाद पहले से महंगाई की मार झेल रहे लोगों के लिए देश के सबसे बड़े बैंक से लोन लेना और महंगा हो जाएगा.

नई ब्याज दरें इस प्रकार
हालिया बढ़ोतरी के बाद नई ब्याज दरों की बात करें तो एसबीआई (SBI) से ओवरनाइट, एक महीने और तीन महीने के लोन पर MCLR दर 7.05 फीसदी से बढ़कर 7.15 फीसदी हो गई. छह महीने की अवधि वाले लोन के लिए एमसीएलआर दर 7.35 फीसदी से बढ़कर 7.45 फीसदी, एक साल के कर्ज पर 7.4 फीसदी से बढ़कर 7.5 फीसदी और दो साल की अवधि के लोन के लिए 7.7 फीसदी से बढ़कर 7.8 फीसदी हो गई है.

सभी तरह के लोन पर होगा असर
मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट्स (MCLR) में बढ़ोतरी से सभी तरह के लोन पर असर होता है. बता दें ज्यादातर लोन एक साल की अवधि वाले एमसीएलआर से संबंधित होते हैं. इसमें बढ़ोतरी होने के बाद होम लोन, पर्सनल लोन और ऑटो लोन समेत सभी तरह के कर्ज महंगे हो जाते हैं. इसके साथ ही लोन लेने वाले ग्राहकों पर ईएमआई का बोझ भी बढ़ जाता है, जबकि लोन लेने वाले नए ग्राहकों का बोझ बढ़ेगा.

आरबीआई ने इतना बढ़ाया रेपो रेट
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बीते दिनों लगातार दो बार झटका देते हुए रेपो रेट में बढ़ी वृद्धि की थी. पहले चार मई को अचानक बुलाई एमपीसी की बैठक में केंद्रीय बैंक ने 40 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की और उसके बीते आठ जून को संपन्न हुई बैठक के बाद फिर 50 आधार अंकों की तेजी की गई. इन दो वृद्धियों के बाद रेपो रेट बढ़कर 4.90 फीसदी हो गया. रेपो दर बढ़ने के बाद बैंकों ने ब्याज दरों में इजाफे का जो सिलसिला शुरू किया दो अभी भी चालू है.