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स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ 10 करोड़ रुपए का घोटाला, ऐसे सामने आया फर्जीवाड़ा

गोपालगंज. बिहार के गोपालगंज जिला में स्वयं सहायता समूह की 300 महिलाओं से करीब 10 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा और घोटाला किये जाने का मामला सामने आया है. महिलाओं की शिकायत पर विजयीपुर थाने में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद घोटाले के मुख्य आरोपी मिथिलेश पांडेय को गिरफ्तार किया है. बताया जाता है कि विजयीपुर थाना क्षेत्र के विजयीपुर गांव की रहने वाली 300 महिलाओं का एक समूह है जिनमें अधिकांश अनपढ़ महिलाएं हैं. इनके नाम पर समूह का पैसा उनके खाते में मंगवाया गया. महिलाओं के घर जाकर बैलेंस चेक करने के नाम पर स्वैप मशीन एवं अंगूठा का निशान लेकर सभी के खाते से पैसा का निकासी कर ली गयी है.

महिलाओं का खाता फ्यूजन बैंक भटनी, भारत बैंक, शाखा भटनी, पहल बैंक, भटनी, उत्कर्ष, शाखा भोरे सहित अन्य बैंकों में है. महिलाओं के नाम से एक लाख से तीन लाख रुपये तक का लोन का निकासी खाते से की गई है जिसमें अधिकांश महिलाओं का पासबुक भी अपने पास रख लिया गया है. इसके कारण यह पता नहीं चल सका है कि कितना लोन पास हुआ है और कितने की निकासी हुई है. हथुआ एसडीपीओ नरेश कुमार ने इस पूरे मामले में जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है.

विजयीपुर थाने विजयीपुर गांव की रहने वाली स्वयं सहायता समूह की सदस्य सुनीता कुंवर के खाते में बैंक से लोन का पैसा आया. उसने पासबुक बैंक में ले जाकर बैलेंस चेक कराया तो शून्य बताया. लोन का पूरा पैसा खाते से निकल चुका था. जिसके बाद सुनीता ने थाने में एफआइआर दर्ज करायी.

नौ लोगों पर हुई प्राथमिकी
विजयीपुर थाने की पुलिस ने सुनीता देवी के बयान पर मिथिलेश पांडेय, मुकेश पांडेय, सुधाकर पांडेय, कुन्दन पांडेय, कुशल पांडेय सहित नौ लोगों को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी है. पुलिस ने इसमें विजयीपुर गांव के मिथिलेश पांडेय को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक महिलाओं का समूह मिथिलेश पांडेय के द्वारा ही बनाया गया था, जिसमें 250 से 300 महिलाएं सदस्य हैं.