टेक्नोलॉजी ट्रेंडिंग देश -विदेश वायरल स्लाइडर

आपके कंप्यूटर पर है इस वायरस की नजर… केंद्र सरकार ने जारी किया ALERT…

Ransomeware Alert: अगर आप कंप्यूटर पर ज्यादा काम करते हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है. दरअसल पिछले कुछ दिनों से Diavol PC नाम का एक वायरस देश में सक्रिय है.

इस वायरस को लेकर भारत सरकार ने अलर्ट भी जारी किया है. इस अलर्ट में कहा गया है कि हैकर्स ईमेल के जरिए इस मैलवेयर को कंप्यूटर तक पहुंचाते हैं और फिर फिरौती का खेल शुरू होता है.

रुपये न मिलने पर ठग आपके डेटा को नुकसान पहुंचाते हैं.

पहले Diavol PC वायरस को समझें

सरकार की एजेंसी इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम की ओर से जारी किए गए अलर्ट में बताया गया है कि यह वायरस विंडो कंप्यूटर को अपना निशाना बना रहा है.

एक बार जब यह वायरस कंप्यूटर में घुस जाता है तो फिर पूरे सिस्टम का कंट्रोल हैकर्स के पास चला जाता है. कंट्रोल मिलते ही हैकर्स आपके कंप्यूटर को लॉक कर देते हैं.

इसके बाद इसे अनलॉक करने के नाम पर वह कंप्यूटर मालिक से रुपयों की मांग करते हैं.

इस तरह करता है काम

CERT-In ने अपनी एडवाइजरी में बताया है कि Diavol नाम का यह रैनसमवेयर (वायरस) Microsoft Visual C/C++ Compiler से कंपाइल है.

ये फाइल को एन्क्रिप्टेड (Encrypted) यूजर मोड Asynchronous Procedure Calls से बनाता है. यह ईमेल (Email) के जरिए आपके कंप्यूटर में दस्तक देता है.

ईमेल में हैकर्स OneDrive का लिंक देते हैं. यह लिंक आपको एक जिप फाइल (Zip File) डाउनलोड (Download) करने के लिए किसी दूसरे पेज पर ले जाता है.

इस पेज पर ISO फाइल में LNK फाइल और DLL होते हैं, जो खुलते ही सिस्टम को मैलवेयर (Malware) की चपेट में ला देते हैं.

क्या है रैनसमवेयर (Ransomeware)

रैनसमवेयर (Ransomeware) फिरौती मांगने वाला एक वायरस (Virus) है. इसे हैकर्स (Hackers) इस तरह से बनाते हैं कि यह किसी भी कंप्यूटर (Computer) की सभी फाइलों (File) को एन्क्रिप्ट (Encrypt) कर देता है.

इससे कंप्यूटर का मालिक उन्हें यूज नहीं कर पाता. इसके बाद हैकर्स इन्हें हटाने के बदले में मोटी फिरौती मांगते हैं.

बरतें ये सावधानी

इस वयरस से बचने के लिए सावधानी ही सबसे बेहतर उपाय है. आपको ये सावधानी बरतनी चाहिए. आप अपने ईमेल पर ज्यादा ध्यान दें.

किसी भी अनजान ईमेल आईडी से आने वाले मेल को ओपन न करें. ऐसे मेल में दिए गए अटैचमेंट्स को भी डाउनलोड न करें.

अगर जरूरी न हो तो अपनी ईमेल आईडी हर जगह या पब्लिक वेबसाइट्स पर शेयर न करें. कंप्यूटर में एक अच्छा एंटी वायरस सॉफ्टवेयर जरूर रखें और समय-समय पर स्कैन करते रहें. ताकि आपको पता चल सके कि सिस्टम में कोई वायरस तो नहीं है.