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छत्तीसगढ़: कवर्धा में हुए हिन्दू धर्म के अपमान मामले की न्यायिक जांच की मांग को लेकर भाजपा विधायकों व सांसदों ने मुख्यमंत्री निवास का किया घेराव…

रायपुर: भारतीय जनता पार्टी के सभी सांसद व विधायको ने कवर्धा हिंसा की न्यायिक जाँच की मांग को लेकर मुख्यमंत्री निवास घेरने एकात्म परिसर से पद यात्रा की। पूर्व घोषणा के अनुसार भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय व नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के नेतृत्व में भाजपा सांसदों व विधायको ने , प्रदेश भाजपा कार्यालय ‘एकात्म परिसर’ से रैली की शक्ल में मुख्यमंत्री निवास के सामने धरना-प्रदर्शन के लिए कूच किया, जिन्हें पुलिस ने बेरीकेट्स लगाकर सिविल लाइन्स में रोक दिया।

भाजपा ने वहीं धरना-प्रदर्शन कर कवर्धा हिंसा की न्यायिक जाँच की मांग के लिए अपनी आवाज़ बुलंद की।
भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि कवर्धा हिंसा को लेकर प्रदेश सरकार के रवैए को लेकर आक्रोश है और यह धरना आंदोलन छत्तीसगढ़ के आक्रोश की मुखर अभिव्यक्ति है। छतीसगढ़ में ऐसे हालात कभी नही बने जो आज है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष साय ने कहा कि प्रदेश सरकार कवर्धा हिंसा की न्यायिक जाँच का आदेश करे और राजनीतिक दुर्भावना व प्रतिशोधवश भाजपा के लोगों के ख़िलाफ़ दर्ज़ एफ़आईआर वापस ली जाए।

नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक ने कहा आखिर सरकार न्यायिक जांच से क्यों डर रही है किसे बचाना चाहती है।जांच करवा लें दूध का दूध ,पानी का पानी होगा।

वरिष्ठ विधायक व पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री और सरकार भाजपा नेताओं से मिलने से क्यों डरती है छोटे अधिकारियों को आगे कर खुद बिल में छुप जाती है ।

इस मौके पर भाजपा सांसदों सुनील सोनी, विजय बघेल, गोमती साय, मोहन मंडावी, संतोष पांडेय समेत भाजपा के सभी विधायकों पूर्व मंत्री , अजय चंद्राकर, सौरभ सिंह, शिवरतन शर्मा, नारायण चंदेल, रंजना साहू, डमरूधर पुजारी, डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, रजनीश सिंह, पुन्नूलाल मोहले, ननकीराम कँवर और विद्यारतन भसीन ने भी पैदल मार्च व विरोध प्रदर्शन में भाग लिया और कहा छतीसगढ़ में बहुसंख्यकों के साथ जो हो रहा है वो शर्मनाक है।