क्राइम देश -विदेश

गुजरात में 20000 करोड़ की ड्रग्स के मामले के बाद अदानी पोर्ट्स ने उठाया यह बड़ा कदम

नई दिल्ली: अदानी पोर्ट्स (Adani Ports) ने कहा है कि उसके टर्मिनल गुजरात के मुंद्रा पोर्ट (Mundra Port) पर ड्रग का मामला (Mundra Drug Haul) सामने आने के बाद 15 नवंबर से ईरान, पाकिस्तान, अफगानिस्तान से आने वाले कार्गो को नहीं संभालेंगे. अदानी पोर्ट्स एंड लॉजिस्टिक्स ने इसे लेकर ट्रेड एडवाइजरी जारी की है. ईरान, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आने वाले कंटेनरीकृत कार्गो पर एडवाइजरी जारी करते हुए कहा गया है कि 15 नवंबर से, APSEZ ईरान, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आने वाले EXIM कंटेनरीकृत कार्गो को संभाल नहीं पाएगा.

यह सलाह APSEZ द्वारा संचालित सभी टर्मिनलों और किसी भी APSEZ बंदरगाह पर तीसरे पक्ष के टर्मिनलों सहित अगली सूचना तक लागू रहेगी. मुंद्रा पोर्ट में भारी मात्रा में ड्रग्स की बरामदगी के बाद यह एडवाइजरी जारी की गई है. वह खेप अफगानिस्तान से आई थी.

13 सितंबर को गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर अदानी समूह द्वारा संचालित दो कंटेनरों से करीब 3,000 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई थी. यह खेप अफगानिस्तान से आई थी, जो अफीम के सबसे बड़े अवैध उत्पादकों में से एक है.

हेरोइन को जंबो बैग में छुपाया गया था और कहा गया था कि इसमें असंसाधित टैल्क पाउडर था. दवा को बैग की निचली परतों में रखा गया था और फिर पता लगे इसके लिए ऊपर से टैल्क पत्थर भरे गए थे.

सूत्रों ने कहा था कि सीमा शुल्क विभाग और राजस्व खुफिया निदेशालय के संयुक्त अभियान के दौरान जब्त की गई हेरोइन की कीमत करीब 20,000 करोड़ रुपये है.
मामले के बाद देश भर में छापेमारी की एक श्रृंखला शुरू हुई जिसमें अफगान और उज्बेकिस्तान नागरिकों सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया.

नशीली दवाओं की बरामदगी को लेकर सोशल मीडिया पर व्यापक आलोचना के बाद, अदानी समूह ने कहा था कि उसके पास कंटेनरों की निगरानी और जांच करने का कोई अधिकार नहीं है.

इसके तुरंत बाद जारी एक बयान में, अदानी समूह ने कहा था : “देश भर में कोई भी बंदरगाह ऑपरेटर कंटेनर की जांच नहीं कर सकता है. उनकी भूमिका बंदरगाह चलाने तक ही सीमित है. APSEZ एक बंदरगाह ऑपरेटर है जो शिपिंग लाइनों को सेवाएं प्रदान करता है. मुंद्रा या हमारे किसी भी बंदरगाह में टर्मिनलों से गुजरने वाले कंटेनरों या लाखों टन कार्गो की जांच करने का हमारे पास कोई पुलिसिंग अधिकार नहीं है.”

बयान में आगे कहा गया, “हमें पूरी उम्मीद है कि यह बयान अदानी समूह के खिलाफ सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे प्रेरित, दुर्भावनापूर्ण और झूठे प्रचार पर विराम लगा देगा.”