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Credit Card का करते हैं इस्तेमाल तो रखें इन 4 बातों का खयाल, नहीं तो होगा आपका बुरा हाल

फेस्टिव सीजन आ गया है और इस समय आपको हर तरह की खरीदारी पर छूट मिल रही है. कई जगहों पर तक किसी खास बैंक के क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने पर विशेष छूट मिलती है. इस छूट के चक्कर में कई बार हम अपनी क्षमता से ज्यादा खर्च देते हैं जिसका गंभीर परिणाम भुगतान होता है. ऐसे में अगर आप ऐसी किसी भी परेशानी से बचना चाहते हैं तो कुछ बातों को ध्यान में रखना जरूरी है.

जब आप क्रेडिट कार्ड से खरीदारी करते हैं तो इस बात को हमेशा ध्यान में रखें कि उतनी ही शॉपिंग करें, जितना आप चुका सकते हैं. ऐसी स्थिति पैदा नहीं होने दें जिसके कारण आपको मिनिमम बैलेंस पेमेंट से काम चलाना पड़े और इसके बदले मोटी रकम इंट्रेस्ट के रूप में चुकाएं. मिनिमम ड्यू अमाउंट आउटस्टैंडिंग बैलेंस का 5 फीसदी होता है. हालांकि इसमें ईएमआई शामिल नहीं होती है. मिनिमम अमाउंट पे करने से आपको पेनाल्टी नहीं लगता है, हालांकि इंट्रेस्ट का भुगतान करना ही होता है.

लग्जरी आइटम में जल्दबाजी से बचें
कोरोना क्राइसिस से इकोनॉमी निकल रही है. ऐसे में माना जा रहा है कि बाजार के लिए यह फेस्टिव सीजन शानदार रहेगा. डिमांड में बंपर तेजी रहने का अनुमान लगाया गया है. इसके बावजूद गैर जरूरी सामानों की खरीदारी से बचें. इस बात को याद रखें कि अगर आप लग्जरी आइटम खरीदते हैं तो इसमें आसानी से देरी का जा सकती है.

कैश निकालने की गलती नहीं करें
क्रेडिट कार्ड से आपको कैश निकालने की भी सुविधा मिलती है. हालांकि यह काफी महंगा होता है. ऐसे में भूलकर भी क्रेडिट कार्ड से पैसे निकालने की गलती नहीं करें. कैश निकालने पर कई तरह के चार्जेज लगते हैं और इंट्रेस्ट रेट भी बहुत ज्यादा होता है. ऐसे में आपकी एक गलती के कारण टोटल एक्स्ट्रा अमाउंट काफी बढ़ जाएगा.

रिवॉर्ड प्वाइंट्स का करें उचित इस्तेमाल
क्रेडिट कार्ड से जब आप खर्च करते हैं तो बदले में रिवॉर्ड प्वाइंट्स मिलते हैं. हालांकि, इसकी एक्सपायरी भी होती है. ऐसे में क्रेडिट कार्ड से मिलने वाले रिवॉर्ड प्वाइंट पर नजर बनाकर रखें और समय-समय पर इसका इस्तेमाल करते रहें.

सिबिल स्कोर मजबूत करने के पीछ नहीं भागें
इसके अलावा क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो पर भी ध्यान दें. पैसाबाजार के साहिल अरोड़ा का कहना है कि कई बार सिबिल स्कोर मजबूत करने के चक्कर में कार्ड होल्डर बहुत ज्यादा खर्च करने लगते हैं. अगर क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो 30 फीसदी से ज्यादा रहता है तो क्रेडिट ब्यूरो इसपर विशेष नजर रखता है और सिबिल स्कोर को कम भी कर सकता है.