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दुनिया की पहली मलेरिया वैक्सीन के बच्चों में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल को WHO की मंजूरी

नई दिल्ली. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बुधवार को बच्चों के लिए पहली मलेरिया वैक्सीन (First Malaria Vaccine) की बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की सिफारिश कर दी है. मच्छरजनित इस बीमारी से हर साल दुनियाभर में चार लाख लोगों की मौत होती है. WHO के मुखिया टेड्रॉस अधोनाम गेब्रेयेसुस ने कहा-आज विश्व स्वास्थ्य संगठन बच्चों के लिए मलेरिया की पहली वैक्सीन की सिफारिश कर रहा है.

बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन इस वक्त 2025 तक दुनिया से मलेरिया को खत्म करने के लक्ष्य पर काम कर रहा है. इसीलिए 25 देशों में बड़ा उन्मूलन कार्यक्रम चलाया गया है. टेड्रॉस ने कहा-यह ऐतिहासिक क्षण है. बच्चों के लिए मलेरिया वैक्सीन का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था और ये विज्ञान के लिए भी बड़ी उपलब्धि है. मलेरिया से बचाव में ये वैक्सीन सबसे उपयोगी साधन है. इसके जरिए हजारों की संख्या में बच्चों की जिंदगी हर साल बचाई जा सकेगी.

260000 अफ्रीकी बच्चे हर साल गंवाते हैं जान
बता दें कि मलेरिया वैसे तो दुनियाभर में बच्चों को प्रभावित करता है लेकिन अफ्रीकी देशों में इसका प्रकोप कहीं ज्यादा रहता है. हर साल करीब करीब 260000 अफ्रीकी बच्चे मलेरिया की वजह से जान गंवाते हैं.

क्या बोले अफ्रीका के रीजनल डायरेक्टर
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अफ्रीका के रीजनल डायरेक्टर डॉ. मैट्शीडिसो मोइती ने कहा- कई शताब्दियों से मलेरिया अफ्रीका में टिक गया है. इसकी वजह से बड़ी संख्या में लोगों को व्यक्तिगत नुकसान उठाना पड़ता है.

RTS,S/AS01 मलेरिया वैक्सीन
WHO ने जिस वैक्सीन को इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी है उसका वैज्ञानिक नाम है RTS,S/AS01. WHO ने ये अनुशंसा संगठन की दो बड़ी एडवायजरी बॉडी के आधार पर दी है. ये वैक्सीन 5 महीने से ऊपर के बच्चों को दी जाएगी. इसके कुल चार डोज बच्चों को दिए जाएंगे. अब तक इस वैक्सीन के अफ्रीका के तीन देशों में 23 लाख डोज लगाए जा चुके हैं. वैक्सीन बिल्कुल सुरक्षित साबित हुई है.