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सावधान! RBI ने KYC को लेकर जारी किया अलर्ट… भूलकर भी न करें ये काम…

आरबीआई ने कहा कि उसे ऐसी शिकायते मिली हैं कि केवाईसी अपडेशन के नाम पर ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी की जा रही है. इस तरह के मामलों में देखा गया है कि फोन कॉल्‍स, एसएमएस, ईमेल आदि के जरिये केवाईसी अपडेट करने के लिए ग्राहकों से उनकी व्‍यक्तिगत जानकारी, खाता/लॉगिन डिटेल्‍स/कार्ड जानकारी, पिन, ओटीपी आदि मांगे जा रहे हैं. संचार के माध्‍यम से एक लिंक उपलब्‍ध कराया जाता है और केवाईसी अपडेशन के लिए कुछ अनाधिकृत/असत्‍यापित एप्‍लीकेशन को इंस्‍टॉल करने के लिए कहा जाता है.

आरबीआई ने एक बयान में कहा कि बैंक ग्राहकों को भेजे जा रहे इस तरह के कम्युनिकेशंस में यह धमकी भी दी जा रहा है कि अगर उन्होंने केवाईसी अपडेट नहीं किया तो उनका अकाउंट फ्रीज, ब्लॉक या बंद किया जा सकता है. अगर कस्टमर ने कॉल, मैसेज या अवैध ऐप पर अपनी जानकारी साझा की तो ठगों को उसके अकाउंट का एक्सेस मिल जाएगा और वे ग्राहक को चूना लगा सकते हैं. केंद्रीय बैंक ने लोगों को ऐसे ठगों से सावधान रहने को कहा है.

RBI का कहना है कि लोगों को अपनी अकाउंट लॉगिन डिटेल, पर्सनल इनफॉरमेशन, केवाईसी डॉक्यूमेंट्स की कॉपी, कॉर्ड की जानकारी, पिन, पासवर्ड और ओटीपी आदि की जानकारी अज्ञात लोगों या एजेंसियों के साथ साझा नहीं करनी चाहिए. साथ ही लोगों को अपनी डिटेल अवैध या अनवेरिफाइड वेबसाइट्स या ऐप्स के जरिए साझा नहीं करनी चाहिए. अगर किसी कस्टमर को इस तरह की रिक्वेस्ट आती है तो उसे अपने बैंक ब्रांच से संपर्क करना चाहिए.

आरबीआई का कहना है कि रेग्युलेटेड एंटिटीज को समय-समय पर केवाईसी अपडेट करना पड़ता है लेकिन इस प्रक्रिया को आसान बनाया गया है. केंद्रीय बैंक ने कहा कि अगर किसी कस्टमर के अकाउंट का पीरियोडिक अपडेशन होना है तो 31 दिसंबर, 2021 तक उसके अकाउंट में केवल इस कारण से कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी जब तक कि किसी रेग्युलेटर/इनफोर्समेंट एजेंसी/कोर्ट के निर्देश पर ऐसा करना जरूरी न हो.

केवाईसी एक तरह से कस्टमर को पहचानने की प्रक्रिया होती है जिसके लिए कुछ जरूरी दस्तावेज जमा कराने होते हैं. जो दस्तावेज जमा कराए जाते हैं उन्हें केवाईसी दस्तावेज या केवाईसी डॉक्यूमेंट कहा जाता है.

बैंक की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, नए केवाईसी डॉक्युमेंट के साथ इसे पूरा करना जरूरी है. केवाईसी पूरी नहीं किए जाने की स्थिति में आपके खाते में भविष्य में किए जाने वाले लेन-देन पर रोक लगाई जा सकती है.