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सिंहदेव-बृहस्पत मामले का हुआ पटाक्षेप… बृहस्पत सिंह द्वारा खेद जताने के बाद मंत्री सिंहदेव सदन पहुंचकर कार्यवाही में लिया हिस्सा…

रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में हंगामे का कारण बना स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव एवं सत्ता पक्ष के विधायक बृहस्पत सिंह के बीच विवाद समाप्त हो गया। बृहस्पत सिंह ने सदन में स्वास्थ्य मंत्री पर हत्या का लगाये आरोप के लिए खेद जताते हुए कहा कि भावावेश में उन्होंने यह आरोप लगाया था।

सरकार की ओर से गृहमंत्री ने भी वक्तव्य रखा, जिसमें विधायक पर हुए हमले में मंत्री श्री सिंहदेव के हाथ नहीं होने की बात कहीं गई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सदन में विधायक द्वारा खेद जताने पर उनके साथ-साथ विपक्ष की भूमिका की भी सराहना की। इस मामले का पटाक्षेप होने के बाद स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव भी विधानसभा पहुंचे और सदन की कार्यवाही में शामिल हुए।

मानसून सत्र शुरू होने के दिन से चले आ रहे स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंह एवं विधायक बृहस्पत सिंह के बीच का विवाद आज खत्म हो गया। इस मामले में मंत्री श्री सिंहदेव पर हत्या करने का लगाये गये आरोप के लिए विधायक बृहस्पत सिंह ने विधानसभा में आज खेद जताते हुए कहा कि उन्होंने भावावेश में आकर आरोप लगा दिया था।

सदन मेंं खेद पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बृहस्पत सिंह की सराहना की । साथ ही इस मामले में विपक्षी सदस्यों की भूमिका की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस मामले में गतिरोध खत्म करने में विपक्षी सदस्यों की भी भूमिका रही, जिसके लिए मैं उन्हें भी धन्यवाद देता हूं। विधानसभा अध्यक्ष डा. चरणदास महंत ने भी बृहस्पत सिंह द्वारा सदन में खेद जताने पर उनकी प्रशंसा की। बृहस्पत सिंह द्वारा खेद जताने के बाद सरकार की ओर से गृहमंत्री ने भी विधायक बृहस्पत सिंह पर हुए हमले पर वक्तव्य दिया जिसमें स्वास्थ्य मंत्री को इस हमले में हाथ नहीं होने की बात कहीं गई।

इधर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव को जब इसकी जानकारी मिली तो वे

अपने निवास से विधानसभा पहुंचे और सदन की कार्यवाही में शामिल हुए। ज्ञात हो कि श्री सिंंहदेव ने मानसून सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही के दौरान सदन से नाराज होकर चले गये थे। उन्होंने सदन में रहते हुए कहा था कि जब तक बृहस्पत सिंह व उनके मामले में सरकार की ओर से जब तक उनकी भूमिका को लेकर स्पष्टीकरण नहीं आता वे सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं होंगे।

सिंहदेव के सदन छोडऩे के बाद से प्रदेश की राजनीति में नया उबाल आ गया था। विपक्षी सदस्यों ने श्री सिंहदेव के सदन छोडऩे को लेकर बड़ा बयान दिया था कि जब एक मंत्री को सरकार पर विश्वास नहीं तो जनता कैसे करेगी। विपक्षी सदस्यों ने यह भी कहा था कि जब तक इस मामले में स्थिति स्पष्ट नहीं होती ऐसे में सदन का कोई औचित्य नहीं है।

सत्र के तीसरे दिन भी आज प्रश्रकाल काल में विपक्षी सदस्यों ने इसी मुद्दे पर हंगामा करते रहे, जिसके कारण प्रश्रकाल पूरी तरह बाधित रहा।
प्रश्रकाल के दौरान सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित भी हुई। हालांकि प्रश्रकाल के बाद बृहस्पत सिंह द्वारा सदन में खेद जताने और सरकार की ओर से गृहमंत्री का आये वक्तव्य के बाद श्री सिंहदेव एवं बृहस्पत सिंह के बीच का विवाद का पटाक्षेप हो गया।

नाराजगी दूर होने के बाद विधानसभा पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंहदेव ने विधानसभा परिसर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि यह मामला अब समाप्त हो गया है। उन्हें प्रदेश को देखना है। अब आगे भी वे टीम वर्क के साथ अपनी जिम्मेदारी निभायेंगे।