Breaking News ट्रेंडिंग देश -विदेश स्लाइडर

डेल्टा वेरिएंट 104 देशों में फैला… WHO ने कहा- जल्द ही पूरी दुनिया में हावी होने का खतरा…

जेनेवा. कोविड-19 (Covid-19) के डेल्टा वेरिएंट की पुष्टि 104 देशों में हो चुकी है. इस बात की जानकारी विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेडरोस अधानोम घेब्रेयसस (Tedros Adhanom Ghebreyesus) ने दी है. उन्होंने कहा है कि तेजी से फैल रहे इस वेरिएंट (Coronavirus Variant) के चलते मौतों और संक्रमण के मामलों में इजाफा हो रहा है. साथ ही उन्होंने कहा कि यह जल्द ही दुनियाभर में हावी हो सकता है. हाल ही में डब्ल्युएचओ ने अनलॉक की प्रक्रिया से गुजर रहे देशों को फटकार लगाई थी.

भाषा के मुताबिक, डब्ल्युएचओ प्रमुख ने कहा, ‘नया स्वरूप ‘डेल्टा’ दुनियाभर में तेजी से फैल रहा है, जिससे संक्रमण के मामले और उससे जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है. ‘डेल्टा’ अभी 104 देशों में फैल चुका है और इसके जल्द पूरी दुनिया में सबसे हावी स्वरूप बनने की आशंका है.’ डेल्टा वेरिएंट का पहला मामला भारत में पाया गया था.

उन्होंने चेतावनी दी कि ज्यादा वैक्सिनेशन कवरेज वाली जगहों में डेल्टा तेजी से फैल रहा है. यह खासतौर से सुरक्षा नहीं लेने और जोखिम वाले लोगों को संक्रमित कर रहा है. खासतौर से कम टीकाकरण वाले देशों में हालत ज्यादा खराब है. टेडरोस ने इस बात पर जोर दिया कि डेल्टा और तेजी से फैलने वाले दूसरे वेरिएंट्स मामलों की विनाशकारी लहर चला रहे हैं, जिसके चलते अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या और मौत में इजाफा हुआ है. उन्होंने कहा, ‘वे देश जिन्होंने केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य के उपायों से वायरस की शुरुआती लहरों का सामना कर लिया था, वे भी अब प्रकोपों के बीच में हैं.’

उन्होंने कहा, ‘आज मेरा संदेश यह है कि हम एक बिगड़ती सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति का सामना कर रहे हैं जो आगे चलकर जीवन, आजीविका और वैश्विक आर्थिक सुधार के लिए खतरा बन सकती हैं. यह उन स्थानों के लिए और भी बदतर है, जहां टीके कम हैं और संक्रमण का कहर अब भी जारी है.’ हाल ही में डब्ल्युएचओ की प्रमुख वैज्ञानिक सौम्य स्वामीनाथन ने भी डेल्टा वेरिएंट का जिक्र किया था.

उन्होंने बताया था कि डब्ल्युएचओ के 6 में से 5 क्षेत्रों में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं. साथ ही अफ्रीका में दो हफ्तों में मृत्यु दर 30 फीसदी से बढ़कर 40 प्रतिशत पर पहुंच गई है. तेजी से फैलने वाला डेल्टा वेरिएंट, दुनियाभर में टीकाकरण की धीमी रफ्तार और सुरक्षा उपयों में ढील दिया जाना मामलों के बढ़ने का सबसे बड़े कारण हैं.