Breaking News देश -विदेश सियासत स्लाइडर

नंदीग्राम में वोटों की गिनती दोबारा कराने के तृणमूल कांग्रेस के अनुरोध को चुनाव आयोग ने किया खारिज

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने पश्च‍िम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर फिर से मतगणना कराने के तृणमूल कांग्रेस के अनुरोध को खारिज कर दिया है. नंदीग्राम में दिनभर चली मतगणना में कभी शुभेंदु अध‍िकारी आगे चलते रहे तो कभी ममता बनर्जी. लेकिन आख‍िर में शुभेंदु अध‍िकारी को विजयी घोष‍ित कर दिया गया. शुरूआती रुझानों में कई बार शुभेंदु अधिकारी ममता बनर्जी पर भारी पड़ते दिखाई दिए, लेकिन बाद में ममता ने बढ़त बना ली थी. अंत में कांटे की टक्कर में शुभेंदु अधिकारी ममता बनर्जी पर भारी पड़े.

दिनभर चली मतगणना के बाद चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के 1736 वोटों से हार जाने की घोषणा की. तृणमूल कांग्रेस ने मतगणना प्रक्रिया को ‘गड़बड़’ घोषित किया था. ममता बनर्जी ने “दुर्भावना” का आरोप लगाया था और कहा था कि वह अदालत का रुख करेंगी. नतीजों के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ममता बनर्जी ने कहा था कि ‘जनता का चाहे जो भी फैसला हो मैं उसे स्वीकार करती हूं. नंदीग्राम एक बलिदान था जो बड़ी जीत के लिए जरूरी था. हमने राज्य को जीत लिया है.’

आधिकारिक नतीजे आने से पहले घंटों तक भ्रम की स्थिति रही क्योंकि मीडिया के एक धड़े में अधिकारी पर ममता की जीत की खबर चलने लगी थी. तृणमूल कांग्रेस ने इसके मद्देनजर मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर दोबारा मतदान कराने की मांग की. पार्टी सूत्रों के मुताबिक तृणमूल ने आरोप लगाया कि ईवीएम में छेड़छाड़ की गई है और उनकी संख्या में विसंगति है, मतदान प्रक्रिया भी बार-बार रोकी गई और उसकी जानकारी चुनाव अधिकारियों ने नहीं दी.

पार्टी ने आरोप लगाया कि बनर्जी के पक्ष में पड़े वैध मतों को खारिज कर दिया गया जबकि भाजपा के पक्ष में अमान्य मतों को भी गिना गया. तृणमूल ने दोबारा मतों की गिनती करने से पीठासीन अधिकारी के इनकार को ‘कानून के लिए खराब’ करार दिया. इस बीच, अधिकारी ने ट्वीट कर उनके पक्ष में मतदान करने और उन्हें अपना प्रतिनिधि चुनने के लिए लोगों को धन्यवाद दिया.