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अच्छी खबर: कोरोना को मात देने वाले मरीजों के मामले में अमेरिका से भी आगे निकला भारत…

नई दिल्ली. देश में कोरोना वायरस (Coronavirus In India) के बढ़ते मामलों के बीच एक राहत भरी खबर यह है कि यहां ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है. शनिवार को आए आंकड़ों के अनुसार मरीजों की रिकवरी के मामले में भारत ने अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है. सरकार की ओर से जानकारी दी गई कि कुल ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 42 लाख को पार कर गई है. वर्ल्डोमीटर वेबसाइट के अनुसार अभी अमेरिका में कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 41,91,894 है, जबकि भारत में यह संख्या 42,05,201 हो गई है.

हालांकि मृतकों की बढ़ती संख्या सरकार के माथे पर चिंता के बल ला रही है. शनिवार को दुनिया भर में कोरोना से सबसे ज्यादा मौतें भारत में हुईं. वर्ल्डोमीटर के अनुसार देश में शुक्रवार से शनिवार के बीच 1,221 लोगों की मौत हुई, जिसके बाद मृतकों की संख्या 85,625 हो गई.



अमेरिका में अब तक कोरोना संक्रमण के कुल मामले 69,25,941 है, जिसमें से 41,91,894 ठीक हो गए हैं जबकि 203,171 की मौत हो गई है और 25,30,876 केस एक्टिव हैं. फिलहाल कोरोना के मामले में अमेरिका नंबर एक है. वहीं दूसरे नंबर पर भारत में फिलहाल 53,05,475 पुष्ट मामले हैं, जिसमें से 10 लाख 14 हजार 649 केस एक्टिव हैं.

40 लाख से 50 लाख की संख्या को पार करने में केवल 11 दिन लगे
गौरतलब है कि भारत में कोविड-19 के मामले 21 दिन में 10 से 20 लाख के पार पहुंचे थे. इसके बाद 16 दिन में में 20 से 30 लाख और 13 दिन में 30 से 40 लाख के आंकड़े को पार किया था. वहीं, 40 लाख से 50 लाख की संख्या को पार करने में केवल 11 दिन लगे. भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार देश में 16 सितम्बर तक कोविड-19 के कुल 6,05,65,728 नमूनों की जांच की गई, जिसमें से 11,36,613 नमूनों की जांच बुधवार को की गई.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि संक्रमण की वजह से मरने वाले 70 प्रतिशत से अधिक लोग दूसरी बीमारियों से भी ग्रसित थे.

अगले साल की पहली तिमाही तक आ सकता है कोविड-19 का प्रभावी टीका :चौबे
कोरोना के बढ़ते मामलों और मौतों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि अगर कोविड-19 के टीके के क्लीनिकल परीक्षण सफल होते हैं तो एक प्रभावी टीका 2021 की पहली तिमाही के अंत तक उपलब्ध हो सकता है.



उन्होंने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि किसी टीका निर्माता के साथ कोई पूर्व खरीद समझौता नहीं किया गया है. एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि पहले चरण के क्लीनिकल परीक्षण में भारत बायोटेक द्वारा भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के साथ मिलकर तैयार किया जा रहा टीका और कैडिला हेल्थकेयर लिमिटेड द्वारा विकसित किया जा रहा टीके सुरक्षित रहे हैं और अब उनकी प्रतिरक्षा क्षमता का परीक्षण चल रहा है.

उन्होंने कहा कि इन टीकों के दूसरे चरण के क्लीनिकल परीक्षण चालू हैं. चौबे ने रघु राम कृष्ण राजू के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा के लिए संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ आठ बैठकें हो चुकी हैं.

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