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अगले 10 दिन में निपटा लें ये 5 जरूरी काम… वरना आपकी जेब पर पड़ेगा भारी…

नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में हड़कंप मचा हुआ है, जिसकी वजह से हर कोई परेशान है. वहीं फाइनेंशियल प्लानिंग के लिहाज से मार्च काफी अहम होता है, क्योंकि वित्त वर्ष समाप्त होने की कगार पर है और इस महीने कई जरूरी कामों की डेडलाइन होती है. इन कामों की लिस्ट में संशोधित रिटर्न फाइल करना, पैन और आधार को लिंक करना और कई चीजें शामिल हैं. आइये आपको बताते हैं कि इसमें क्या-क्या काम शामिल हैं.

1. PAN और Aadhaar को करना है लिंक

पैन और आधार को लिंक करने की समयसीमा 31 मार्च है. दोनों को लिंक न करने पर 10,000 रुपये की पेनल्टी है. सरकार ने आधार को पैन से लिंक करने की आखिरी तारीख को कई बार बढ़ाया है. इसकी अंतिम समयसीमा अब 31 मार्च 2020 है. यदि आप इस समयसीमा तक अपने पैन और आधार को लिंक करने में असफल हो जाते हैं तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट इसके लिए आप पर 10,000 रुपये तक की पेनल्टी लगा सकता है.

2. PM आवास योजना की मियाद हो रही खत्म
प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत क्रेडिट सब्सिडी का लाभ केवल 31 मार्च तक उपलब्ध है. आरबीआई ने कोरोना वायरस के चलते लोगों को जब तक कोई जरूरी काम नहीं हो, बैंक न जाने की सलाह दी है . मौजूदा स्थितियों में कई लोग इस स्कीम का लाभ उठाने से चूक सकते हैं.

3. विवाद से विश्वास स्कीम
विवाद से विश्वास स्कीम के तहत जो करदाता सरकार के साथ अपने टैक्स विवाद को निपटाना चाहते हैं, उन्हें यह काम 31 मार्च, 2020 तक कर लेना है. इसमें उन्हें चुनिंदा मामलों में केवल टैक्स की मूल रकम देनी होगी. पेनल्टी या उस पर बना ब्याज माफ किया जाएगा.

4. बिलेटेड Tax रिटर्न की फाइलिंग
31 मार्च देर से रिटर्न फाइल करने की अंतिम समयसीमा है. देर से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने पर पेनल्टी लगती है. वित्त वर्ष 2018-19 (आकलन वर्ष 2019-20) के लिए टैक्स रिटर्न फाइल करने की समयसीमा, 31 जुलाई 2019 थी, जिसे बाद में एक महीने के लिए बढ़ा दिया गया था. यदि आपकी इनकम 5 लाख रुपये से कम है तो देर से रिटर्न फाइल करने की लेट फाइलिंग फीस 1000 रुपये तक है. जबकि आपकी इनकम 5 लाख रुपये से अधिक है तो 31 मार्च तक फाइल करने पर यह पेनल्टी 10,000 रुपये तक हो सकती है.

5. संशोधित ITR की फाइलिंग
यदि आपके आईटीआर में विसंगति है तो संशोधित रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख भी यही है. आईटीआर फाइल किए बिना अगले वित्त वर्ष में प्रवेश करने पर समस्या खड़ी हो सकती है. इसलिए, इस समयसीमा के भीतर अपना विलंबित या संशोधित रिटर्न फाइल कर लेना ठीक होगा.