
रमेश अग्रवाल, रायगढ़। आज फास्ट ट्रैक कोर्ट रायगढ़ में थाना भूपदेवपुर के एक प्रकरण की सुनवाई पूर्ण हुई, आरोपी पर अवयस्क बालिका के साथ जबरन बलात्संग करने का आरोप सिद्ध पाते हुए न्यायाधीश श्रीमती सरोजनंद दास ने उसे 376 (2)(झ) भारतीय दंड विधान एवं धारा 6 पास्को एक्ट में आजीवन कारावास के दंड से दंडित किया । 20 अक्टूबर 16 को 5 साल की बालिका की मां ने रिपोर्ट दर्ज करायी कि 19अक्टूबर 16 की शाम इसकी छोटी लड़की घर के सामने रोड पर खेल रही थी और करीब आधा घंटा बाद घर आकर अपने गुप्तांग की ओर इशारा कर बताई कि मोहल्ले का राजा बाबू गीला कर दिया है । तब बालिका की मां ने राजा बाबू को पकड़ कर उससे पूछताछ की तो राजा बाबू ने गलती हो गयी कह कर भाग गया । बालिका की मां ने थाना भूपदेवपुर में दुष्कर्म का प्रयास किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराने पर आरोपी राजा बाबू के विरुद्ध अपराध क्रमांक 137/ 2016 धारा 376, 511 एवं 8 पास्को एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर बालिका का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया बालिका के जन्म प्रमाण पत्र एवं अन्य साक्ष्य एकत्रित किये एवं आरोपी राजा बाबू सारथी मिट्ठुमुडा सावित्री नगर को गिरफ्तार कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया । माननीय न्यायालय में लोक अभियोजक श्री पी. एन. गुप्ता द्वारा पैरवी की गई । अभियोजन यह प्रमाणित करने में सफल रहा कि उसने बालिका उम्र करीब 5 वर्ष से जबरन संभोग कर बलात्संग किया है । विद्वान न्यायाधीश द्वारा बचाव पक्ष एवं आरोपी पक्ष की तमाम दलीलों एवं साक्ष्य का परिशीलन करने पश्चात पाया कि घटना दिनांक को आरोपी राजाबाबू द्वारा अवयस्क बालिका की इच्छा के विरुद्ध जबरन संभोग कर बलात्संग किया और उसी दरमियान अवयस्क बालिका पर लैंगिक हमला किया जिससे आरोपी के विरुद्ध धारा 376 (2)(झ) भारतीय दंड विधान एवं धारा 6 पास्को एक्ट के दंडनीय अपराध के आरोप में दोषी पाकर आरोपी को आजीवन कारावास के दंड से दंडित किया । साथ ही पीड़िता को अपराध से हुई शारीरिक, मानसिक क्षति बतौर ₹1लाख रुपये प्रति कर दिलाए जाने हेतु राज्य सरकार को निर्देशित किया है।